सामग्री पर जाएँ

अनुराधा टी. के.

विकिपीडिया से
अनुराधा टी. के.
जनम ३० अप्रैल १९६० (1960-04-30) (आयु ६६)
बेंगलुरु, मैसूर राज्य, भारत
संस्थान Indian Space Research Organisation (ISRO)
शिक्षा यूनिवर्सिटी विस्वेश्वरैया कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग
प्रसिद्धि GSAT-१२ मा उनका योगदान अउर इसरो मा पहिली महिला टीम लीडर

अनुराधा टी.के. एक सेवानिवृत्त भारतीय वैज्ञानिक हवं अउर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) मा संचार उपग्रहन की कार्यक्रम निदेशक रहिन। उह संचार उपग्रहन मा विशेषज्ञता रखथिन। उह GSAT-१२ अउर GSAT-१० उपग्रहन के प्रक्षेपण मा काम किहिन। उह इसरो मा सबसे वरिष्ठ महिला वैज्ञानिक रहिन, जवन १९८२ मा अंतरिक्ष एजेंसी मा जुड़िन, अउर इसरो मा उपग्रह परियोजना निदेशक बने वाली पहिली महिला भी रहिन।

व्यक्तिगत पृष्ठभूमि

[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]

अनुराधा टी.के. के जनम १९६१ मा बेंगलुरु, कर्नाटक मा भवा। उह बेंगलुरु के यूनिवर्सिटी विस्वेश्वरैया कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इलेक्ट्रॉनिक्स मा स्नातक डिग्री प्राप्त किहिन। उहका विज्ञान मा रुचि रही अउर उह हमेशा अंतरिक्ष कार्यक्रम मा जुड़ै चाहत रहिन, एही से उह मास्टर ऑफ साइंस पढ़े खातिर इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस (IISc) के प्रस्ताव ठुकरा दिहिन। उह बेंगलुरु के यूनिवर्सिटी विस्वेश्वरैया कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इलेक्ट्रॉनिक्स मा स्नातक डिग्री प्राप्त किहिन। अनुराधा के तीन बहिन हवं। उनके पिता संस्कृत के प्रोफेसर रहिन अउर माता गृहिणी रहिन। १९६९ मा जब नील आर्मस्ट्रांग चाँद पर उतरेन, तब उह प्राथमिक विद्यालय मा रहिन। उनके माता-पिता उहका बहुत प्रेरित किहिन अउर चाँद मिशन के बारे मा बतावत रहिन। उह लोगन उनका अउर उनका बहिनन का हर क्षेत्र मा आगे बढ़े अउर प्रतिस्पर्धा करे खातिर प्रोत्साहित किहिन, एही से उनकी दुई बहिन विद्युत अभियंता बनिन अउर एक बहिन एक अच्छी डॉक्टर बनिन।

अनुराधा अइसन परिवार मा विवाह किहिन जहाँ सब लोग इलेक्ट्रॉनिक्स मा रुचि रखथिन। उनके पति भारत इलेक्ट्रॉनिक्स मा महाप्रबंधक हवं। उनकी बड़ी बेटी अमेरिका मा कंप्यूटर विज्ञान इंजीनियर हवे अउर दूसरी बेटी इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग की छात्रा हवे। उह कहथिन, “मेरे पति अउर ससुराल वाले हमेशा सहयोगी रहिन, एही से हमका अपने बच्चन के बारे मा ज्यादा चिंता ना रहिस।”

अपने बहुत सहपाठियन से अलग, उह भारत मा रहि के अपना करियर बनावै का फैसला किहिन। उनका पहिला काम बेंगलुरु के सैटेलाइट सेंटर मा उपग्रहन के परीक्षण करै का रहिस, अउर उनके बॉस प्रो. यू. आर. राव रहिन, जवन बाद मा १९८४ से १९९४ तक इसरो के अध्यक्ष रहिन। अनुराधा उपग्रहन खातिर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण विकसित किहिन। अनुराधा टी.के. इसरो मा ३४ साल तक काम करै वाली सबसे वरिष्ठ महिला अधिकारी रहिन। उह काम मा एक रोल मॉडल हवं। उह हमेशा कहथिन, “तुमका खास व्यवहार ना मिलत काहेकि तुम महिला हौ, अउर तुमका भेदभाव भी ना झेलन पड़त काहेकि तुम महिला हौ। यहाँ सबका बराबरी से देखल जात हवे।” उह कहिन, “हमका उह विषय पसंद ना रहिन जेमे बहुत याद करे के जरूरत परत, अउर विज्ञान हमका तार्किक लागत रहिस। हम ना मानत कि भारतीय लइकियन सोचत हवं कि विज्ञान उनका खातिर ना हवे, हम समझत हईं कि गणित उनका पसंदीदा विषय हवे।”

अनुराधा कई भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रमन मा प्रमुख भूमिका निभाइन। उनका नवाचार इ रहा कि उह भू-समकालिक उपग्रहन का नियंत्रित करे का एक तरीका विकसित किहिन। उह जटिल प्रक्रियन के माध्यम से हसन स्थित नियंत्रण केंद्र से GSAT-१२ का सफलतापूर्वक अंतिम कक्षा मा स्थापित किहिन। उनका इ नवाचार आज भी उपयोग होत हवे। पहिली बार हसन मा पूरा महिला टीम इ काम किहिस। परियोजना निदेशक के रूप मा, उह GSAT-९, GSAT-१७ अउर GSAT-१८ संचार उपग्रहन के प्रक्षेपण की देखरेख किहिन। उह भारतीय रिमोट सेंसिंग अउर भारतीय क्षेत्रीय नेविगेशन उपग्रह प्रणाली कार्यक्रमन मा परियोजना प्रबंधक, उप-परियोजना निदेशक अउर सहयोगी परियोजना निदेशक के रूप मा भी काम किहिन। उनकी विशेषज्ञता उह प्रणाली मा हवे जवन अंतरिक्ष मा उपग्रह के प्रदर्शन का निगरानी करत हवे।

उनका सलाह महिला लोगन खातिर सरल हवे: “पहिले से तैयारी करा।” उह कहथिन, “जब लइकियन देखत हवं कि अंतरिक्ष कार्यक्रम मा बहुत महिला हवं, त उह भी प्रेरित होत हवं अउर सोचत हवं कि जब उह कर सकत हवे त हमहूँ कर सकित हईं।” अनुराधा के कहानी आज बहुत लोगन का प्रेरित करत हवे। उनके प्रोत्साहन से अब ज्यादा महिला वैज्ञानिक करियर चुनत हवं। उह २० इंजीनियरन के तकनीकी समूह के नेतृत्व भी किहिन। उह एक महिला अनुसंधान टीम के हिस्सा रहिन, जेमे प्रमोदा हेगड़े अउर अनुराधा प्रकाश के साथ मिलके GSAT-१२ का हसन के मास्टर कंट्रोल फैसिलिटी से अंतिम कक्षा मा स्थापित किहिन।

GSAT-१२ पर काम करे के बाद, अनुराधा टी.के. सितंबर २०१२ मा GSAT-१० जइसन बड़ा संचार उपग्रह के प्रक्षेपण के नेतृत्व किहिन।

  1. २००३ मा अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र मा योगदान खातिर Astronautical Society of India द्वारा स्पेस गोल्ड मेडल
  2. २०११ मा National Design & Research Forum (NDRF) द्वारा सुमन शर्मा पुरस्कार
  3. २०१२ मा स्वदेशी संचार उपग्रह के निर्माण खातिर ASI-ISRO मेरिट अवार्ड
  4. २०१२ मा GSAT-१२ के टीम लीडर रहै खातिर ISRO टीम अवार्ड


  1. https://www.bbc.com/news/world-asia-india-38253471
  2. https://www.deccanherald.com/content/181618/meet-isros-space-girls.html#google_vignette
  3. https://news.biharprabha.com/2012/04/meet-the-lady-behind-success-of-risat-i/ Archived 2021-06-16 वेबैक मशीन पर .
  4. https://web.archive.org/web/20140221193703/http://jeppiaartech.in/femfest2014/index.php/component/k2/item/280-t-k-anuradha
  5. https://www.deccanchronicle.com/science/science/260217/indias-rocket-women.html
  6. https://economictimes.indiatimes.com/isro-successfully-launches-latest-communication-satellite-gsat-12/articleshow/9235872.cms?intenttarget=no
  7. https://web.archive.org/web/20170315175923/http://www.sify.com/news/woman-s-hand-in-india-s-latest-satellite-news-national-lhptukjbbadsi.html