अमृता शेरगिल
| अमृता शेरगिल | |
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1936 मा शेर-गिल | |
| जनम | 30 January 1913 बुडापेस्ट, हंगरी, ऑस्ट्रिया-हंगरी |
| मौत | लाहौर, पंजाब, ब्रिटिश भारत |
| जिवनसाथी | Viktor Egan (बि॰ १९३८) |

अमृता शेरगिल (३० जनवरी १९१३ - ५ दिसंबर १९४१) भारत क प्रसिद्ध चित्रकारन मा से एक रहिन। उनकर जनम बुडापेस्ट (हंगरी) मा भवा रहा। बचपन से ही कला, संगीत अउर अभिनय उहाँक साथी रहे। २०वीं सदी क ई प्रतिभाशाली कलाकार का भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण १९७६ अउर १९७९ मा भारत क नौ सबसे बढ़िया कलाकारन मा गिनिस।
उनकर पिता उमराव सिंह शेरगिल (संस्कृत-फारसी क विद्वान अउर अफसर) अउर माई मेरी एंटोनी गोट्समन (हंगरी मूल क ओपेरा गायिका) रहिन। अमृता ८ बरिस क उमिर मा पियानो अउर वायलिन बजावत-बजावत कैनवस पर चित्र बनावे लागिन।
१९२१ मा अमृता क परिवार समर हिल, शिमला मा आ बसा। बाद मा उनकर माई उहाँका इटली ले गइन अउर फ्लोरेंस क सांता अनुंज़ियाता आर्ट स्कूल मा दाखिला करा दिहिन। उहाँ पहिले ग्रैंड चाऊमीअर मा पीअरे वेलण्ट अउर इकोल डेस बीउक्स-आर्टस मा ल्यूसियन सायमन क मार्गदर्शन मा पढ़ाई कइन्हिन।
१९३४ क अंत मा ऊ भारत लवट आइन। बहुत कम उमिर मा ऊ एक कुशल चित्रकार बन गइन। शुरुआत मा उहाँक चित्रन मा पेरिस क कलाकारन क असर दिखत रहा, लेकिन बाद मा ऊ भारतीय कला क ओर मुड़ गइन। मुगल, पहाड़ी कला अउर अजंता क चित्रकला से उहाँ बहुत प्रभावित रहिन।
१९३८ मा अमृता अपन हंगेरियन चचेरा भाई से बियाह कइन्हिन अउर गोरखपुर मा बस गइन। १९४१ मा ऊ अपने पति संग लाहौर गइन, जहाँ उनकर पहली बड़ी प्रदर्शनी होए वाली रही। लेकिन अचानक बिमारी के चलते २८ बरिस क उमिर मा उहाँक निधन होइ गवा।
विरासत
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]शेरगिल क कला सैयद हैदर रज़ा से लेके अर्पिता सिंह जइसन कई कलाकारन का प्रभावित कइन्हिस। उहाँक चित्रन मा औरतन क हालत क चित्रण बहुत गहराई से भवा रहा, जौन आजो प्रेरणा देत है।
भारत सरकार उहाँक कृतियन का राष्ट्रीय कला कोष घोषित कइ दिहिस अउर अधिकांश चित्र नई दिल्ली क राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय मा राखे गइन। कुछ चित्र लाहौर संग्रहालय मा भी हउवन।
१९७८ मा भारतीय डाक उहाँक "हिल वुमन" चित्र पर डाक टिकट जारी कइ दिहिस। लुटियंस दिल्ली मा उहाँक नाम पर अमृता शेरगिल मार्ग भी हउवे।
२००६ मा उहाँक चित्र "विलेज सीन" 6.9 करोड़ रुपइया मा बिका, जौन ओ समय भारत मा सबसे महंगा चित्र रहा। २०१८ मा मुंबई मा सोथबी नीलामी मा "द लिटिल गर्ल इन ब्लू" 18.69 करोड़ मा बिक गवा।
बुडापेस्ट मा भारतीय सांस्कृतिक केंद्र क नाम उहाँक नाम पर राखा गवा। यूनेस्को २०१३ मा उहाँक जन्मशती पर "अमृता शेरगिल अंतरराष्ट्रीय वर्ष" घोषित कइ दिहिस।
सलमान रुश्दी क उपन्यास "द मूर्स लास्ट साय" क एक पात्र उहाँसे प्रेरित रहा। उहाँका कई बार भारत क "फ्रिडा काहलो" भी कहा जात रहा।
चित्र दीर्घा
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]- आत्म चित्र, 1930
- आत्म चित्र (शीर्षकहीन), 1931
- कालरा सुजेसी, 1932
- हंगेरियन जिप्सी गर्ल, 1932
- तीन लइकियन क समूह, 1935
- वधू क शृंगार, 1937
- ग्रामिण दृश्य, 1938
