उत्तर प्रदेश कय खाना
अवधी व्यंजन
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]अवध क्षेत्र कय आपन एक अलग खास नवाबी खानपान शैली है। यहमे विभिन्न तरह कय बिरयानीयां, कबाब, कोरमा, नाहरी कुल्चा, शीरमाल, ज़र्दा, रुमाली रोटी अउर वर्की परांठा[१] अउर् रोटि आदि हैं, जवनेमें काकोरी कबाब, गलावटी कबाब, पतीली कबाब, बोटी कबाब, घुटवां कबाब अउर शामी कबाब प्रमुख अहैं।[१] शहर में बहुत जगह ई व्यंजन मिली। ई सब किसिम कय एवं सब बजट कै होंई। जहां एक ओर १८०५ में स्थापित राम आसरे हलवाई कय मक्खन मलाई एवं मलाई-गिलौरी प्रसिद्ध अहै, वहीं अकबरी गेट पे मिलय वाले हाजी मुराद अली कैय् टुण्डा कय कबाब भी कम मशहूर नाई हैं।[२] यकरे अलावा अन्य नवाबी पकवान जैइसै 'दमपुख़्त', लच्छेदार प्याज अउर हरेर चटनी के साथ परोसल सीख-कबाब अउर रूमाली रोटी कय भी जवाब नाई अहै। लखनऊ कय चाट देश कय बेहतरीन चाट में से एक अहै। और खाना कै अंत में विश्व-प्रसिद्ध लखनऊ कय पान जेकर कवनो जबाब नाई अहै।
- कोफ़्ता कय सब्जी
- रायता सब खाना कय साथ चलत अहै
संदर्भ
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]- 1 2 first= (२० जून). "क्युज़ाइन्स ऑफ़ लखनऊ" (अंग्रेज़ी भाषा में). राष्ट्रीय सूचना केन्द्र. पृ. ०१. मूल से (एचटीएमएल) से 2007-08-19 के पुरालेखित. ई 2014-09-30 को पुनः प्राप्त कीन गा .
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