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एडावलेठ कक्कट जानकी अम्माल

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जानकी अम्माल
ജാനകി അമ്മാൾ

जानकी अम्माल
जनम ४ November १८९७
तेल्लिचेरी, केरल
मउत फरवरी १९८४ (८७ वर्ष की आयु में)
निवास भारत
राष्ट्रीयता भारतीय
काज क्षेत्र वनस्पति विज्ञान, कोशिका विज्ञान
संस्थान यूनिवर्सिटी बॉटनी लैबोरेटरी, मद्रास

एडावलाथ कक्कट जानकी अम्मल (औपचारिक रूप से जानकी अम्मल) (४ नवम्बर १८९७ – ७ फरवरी १९८४) एक भारतीय वनस्पति वैज्ञानिक रहिन, जवन पौधा प्रजनन, साइटोजेनेटिक्स अउर पादप-भौगोलिकी पर काम किहिन। उनका सबसे प्रमुख काम गन्ना अउर बैंगन (भंटा) पर अध्ययन से जुड़ल हवे। उह कई प्रकार के पौधन के साइटोजेनेटिक्स पर भी काम किहिन अउर सी.डी. डार्लिंगटन के साथ मिलके Chromosome Atlas of Cultivated Plants (१९४५) के सह-लेखन किहिन।

उह एथ्नोबॉटनी मा रुचि रखथिन अउर केरल, भारत के वर्षा वनन से औषधीय अउर आर्थिक महत्व के पौधन पर भी काम किहिन। उनका महत्वपूर्ण अनुसंधान, जवन मीठ गन्ना के बेहतर किस्मन के संकरण तक पहुँचिस, भारत के गन्ना आत्मनिर्भरता मा योगदान दिहिस। अम्मल कबहुँ-कभार “भारत के गन्ना का मीठ बनावै वाली महिला” के रूप मा भी जानी जात हवं।

जानकी अम्मल का जनम १८९७ मा टेलीचेरी, केरल मा भवा रहा। एक सुसंस्कृत मध्यम वर्गीय परिवार मा पैदा भवा, अम्मल के पिता तत्कालीन मद्रास प्रेसीडेंसी मा एक उप-न्यायाधीश के रूप मा कार्य किहिन। अम्माल के छह भाई अऊर पाँच बहिन रहीं। टेलीचेरी मा आपन प्रारंभिक शिक्षा पूरा करै के बाद, अम्मल उच्च शिक्षा के लिए मद्रास चली गइन, जहाँ उ क्वीन मैरी कॉलेज से स्नातक किहिन अऊर १९२१ मा प्रेसीडेंसी कॉलेज से ऑनर्स डिग्री प्राप्त किहिन।

अम्माल मद्रास के महिला ईसाई महाविद्यालय मा पढ़ावत रहीं। उ कुछ समयमिशिगन विश्वविद्यालय, अमेरिका मा एक बारबर स्कॉलर के रूप मा बिताइन, जहाँ उ १९२५ मा आपन मास्टर डिग्री प्राप्त किहिन। भारत लौटै पर, उ महिला ईसाई कॉलेज मा पढ़ावत रहीं। अम्मल मिशिगन लौटि आईं- ई बार पहिला ओरिएंटल बारबर फेलो के रूप मा- जहाँ उ आपन डी.एस.सी. अर्जित किहिन। १९३१ मा डिग्री लिहिन। उ वनस्पति विज्ञान के प्रोफेसर के रूप मा लौटिन अऊर १९३० से १९३४ तक महाराजा के विज्ञान महाविद्यालय, त्रिवेंद्रम मा पढ़ाइन।[]

ई. के. जानकी अम्मल की प्रतिमा, बिड़ला इंडस्ट्रियल एंड टेक्नोलॉजिकल म्यूज़ियम, कोलकाता, पश्चिम बंगाल, भारत।

साइटोजेनेटिक्स की विशेषज्ञ के रूप मा, जानकी अम्मल कोयंबटूर के Sugarcane Breeding Station मा गन्ना के जीवविज्ञान पर काम करे खातिर जुड़िन। २ उ समय दुनिया का सबसे मीठ गन्ना Saccharum officinarum किस्म रहा, जवन Papua New Guinea से आवत रहा अउर भारत उहका दक्षिण-पूर्व एशिया से आयात करत रहा। भारत के देसी गन्ना किस्मन के सुधार खातिर, १९२० के दशक के शुरू मा कोयंबटूर मा इ संस्थान स्थापित भवा।

प्रयोगशाला मा संकरण (hybrid) अउर polyploid कोशिकन के उपयोग से, जानकी अम्मल अइसन गन्ना किस्म विकसित किहिन जवन ज्यादा उत्पादन देय अउर भारतीय परिस्थिति मा आसानी से बढ़ सकय। ६ उनका अनुसंधान भारत मा गन्ना के भौगोलिक वितरण के समझे मा भी मदद किहिस अउर ई साबित किहिस कि Saccharum spontaneum किस्म भारत मा उत्पन्न भई।

हालांकि, एक अकेली महिला अउर तथाकथित पिछड़ी जाति से होय के कारण, कोयंबटूर मा उनका अपने पुरुष सहकर्मियन से कई कठिनाई झेलै का परा। १० उनका काम से प्रभावित होइ के Royal Horticulture Society उहका इंग्लैंड के Surrey मा Wisley Garden के प्रयोगशाला मा सहायक साइटोलॉजिस्ट के रूप मा काम करे खातिर बुलाइस। ११ १९४६ मा जानकी अम्मल RHS की पहिली महिला वैज्ञानिक बनिन।

उनके द्वारा तैयार कइ गय नमूना आज भी Wisley Herbarium मा मौजूद हवं, अउर उनका Rhododendron yakushimanum ‘Koichiro Wada’ नमूना नामकरण मानक बन गवा। उह यहाँ Magnolia समेत कई काष्ठीय पौधन पर colchicine के प्रभाव का अध्ययन किहिन। उनका काम बहुत सम्मानित रहा अउर अलग-अलग देशन से विद्यार्थी उहका लगे पढ़े खातिर आवत रहिन।

Constance Margaret Eardley, एक ऑस्ट्रेलियाई वनस्पति वैज्ञानिक, एक साल तक उनका साथे अध्ययन किहिन। जानकी अम्मल अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों मा RHS के तरफ से भाषण भी दिहिन। १९४८–१९४९ मा उह नेपाल गइन पौध संग्रह अभियान पर अउर Fragaria, Iris, Rhododendron, Rosa अउर Rubus जइसन नमूना लेके Wisley वापस आइन।

इंग्लैंड मा बिताय समय दौरान, अम्मल कई बगान के पौधन पर chromosome अध्ययन किहिन। उनके अध्ययन से प्रजातियन के विकास के बारे मा नई जानकारी मिलिस। १९४५ मा C.D. Darlington के साथ मिलके लिखल Chromosome Atlas of Cultivated Plants मा उनका बहुत सारा काम शामिल हवे।

Wisley मा उह Magnolia पौधन पर भी काम किहिन। आज भी उहां उनके लगाय Magnolia पौधा मौजूद हवं, जेमे एक किस्म Magnolia kobus ‘Janaki Ammal’ के नाम से जानी जात हवे। ६

जानकी अम्मल Solanum, Datura, Mentha, Cymbopogon अउर Dioscorea जइसन पौधन पर भी काम किहिन। उह मानत रहिन कि उत्तर-पूर्वी हिमालय मा ठंडा अउर नम वातावरण के कारण पौधन की विविधता ज्यादा हवे, जवन polyploidy के कारण हवे।

सेवानिवृत्ति के बाद भी उह अपने अनुसंधान के निष्कर्ष प्रकाशित करत रहिन, खासकर औषधीय पौधन अउर एथ्नोबॉटनी पर ध्यान दिहिन। मद्रास विश्वविद्यालय के Field Laboratory मा, जहाँ उह रहत अउर काम करत रहिन, उह औषधीय पौधन का एक बगिया विकसित किहिन।

१९५० के दशक मा Wisley Garden मा काम करत समय, उह Magnolia जइसन काष्ठीय पौधन पर colchicine के प्रभाव का अध्ययन किहिन। इ प्रक्रिया मा chromosome दुगुना होइ जात हवे, जवन पौधन का मजबूत पत्ता अउर ज्यादा टिकाऊ फूल देत हवे।

जानकी अम्मल देशी पौधन के संरक्षण खातिर भी बहुत काम किहिन। उनके प्रयास से Silent Valley Forests एक जलविद्युत परियोजना से बच गवा। १५ नवम्बर १९८४ मा इ जंगल राष्ट्रीय उद्यान घोषित भवा, लेकिन दुर्भाग्य से उह इ देखे खातिर जीवित ना रहिन, काहेकि उनका निधन ९ महीना पहिले हो गवा (उम्र ८७ वर्ष)। आज इ राष्ट्रीय उद्यान दुर्लभ ऑर्किड प्रजातियन से भरल एक प्रसिद्ध अउर समृद्ध क्षेत्र हवे, जहाँ बहुत पर्यटक आवत हवं।[]

पुरस्कार अऊर सम्मान

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अम्मल का १९३५ मा भारतीय विज्ञान अकादमी अऊर १९५७ मा भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के फेलो चुना गा रहा। मिशिगन विश्वविद्यालय ओनका मानद एलएल.डी. १९५६ मा डिग्री प्राप्त किहिन। भारत सरकार १९५७ मा ओनका पद्मश्री से सम्मानित किहिस[]। २००० मा भारत सरकार के पर्यावरण अऊर वन मंत्रालय वर्गीकरण के क्षेत्र मा उनके नाम से एक राष्ट्रीय पुरस्कार स्थापित किहिन।

पैगी व्हिट्सन

  • S Kedharnath, Edavaleth Kakkat Janaki Ammal (1897–1984), Biographical Memoirs of Fellows of the Indian National Science Academy, 13, pp. 90–101, with portrait (1988)।
  • P Maheshwari and R N Kapil, Fifty Years of Science in India. Progress of Botany, भारतn Science Congress Association, Calcutta, pp. 110, 118 (1963)।
  1. Chakrabarty, Roshni (२७ दिसम्बर २०२५). "Janaki Ammal, India's first woman PhD, and the reason sugarcanes are sweet today". India Today. ई २२ मार्च २०२६ को पुनः प्राप्त कीन गा .{{cite web}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी)
  2. "Padma Shri Awardee, Janaki Ammal, The Pioneering Botanist". Largest Content & Social Networking Platform for Women. १५ मार्च २०२६. ई २२ मार्च २०२६ को पुनः प्राप्त कीन गा .{{cite web}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी)