कुमुदिनी लखिया
कुमुदिनी लखिया(गुजराती: કુમુદિની લાખિયા; १७ मई १९३० – १२ अप्रैल २०२५) अहमदाबाद, गुजरात मा रहय वाली एक भारतीय कथक नर्तकी अऊर कोरियोग्राफर रहीं, जहाँ उ संगीतमय संगीत का स्थापित किहिन कला विद्यालय, भारतीय नृत्य औ संगीत कय संस्थान, १९६७ मा।[१][२]
समकालीन कथक नृत्य के अग्रणी के रूप मा, उनका १९६० के दशक से प्रारम्भ होए वाले कथक के एकल रूप से दूर होवे, ओका एक समूह तमाशा मा बदलै अऊर पारंपरिक कहानियन का खतम करै अऊर कथक प्रदर्शन मा समकालीन कहानियन का जोड़ै जइसन नवाचारन के लिए भी श्रेय दिया जात रहा।[३][४][५]
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]लखिया आपन कथक प्रशिक्षण सात वर्ष के उमर से बीकानेर घराना के सोहनलाल से प्रारम्भ किहिन, जेहिके बाद बनारस घराना के आशिक हुसैन अउर जयपुर घराना के सुंदर प्रसाद से भी पढ़ाई करिन। अपनी महतारी, लीला, जे स्वयं एक शास्त्रीय गायिका रहीं, के प्रोत्साहन से, उनका जय लाल के शिष्य राधेलाल मिश्रा के संरक्षण मा आगे के प्रशिक्षण के लिए भेजा गा रहा। फलस्वरूप, उइ आपन स्कूली शिक्षा लाहौर मा अऊर उच्च शिक्षा इलाहाबाद (वर्तमान प्रयागराज) मा पूरी किहिन।
व्यवसाय
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]लखिया आपन करियर राम गोपाल के साथे नृत्य करत, पश्चिम के दौरा करत प्रारम्भ किहिन। उ सबसे पहिले विदेश मा भारतीय नृत्य का जनता के नजर मा लाया, अऊर फिर अपने आप मा एक नर्तकी अऊर कोरियोग्राफर बनिन। उ जयपुर घराना के विभिन्न गुरुवन से अऊर फिर शंभु महाराज से सीखिन।
उ विशेष रूप से अपने बहु-व्यक्ति नृत्य रचनाओं के लिए जानी जात रहीं। उनके कुछ सबसे प्रसिद्ध नृत्य रचनाओं मा ढबकर (मतलब बीट्स), युगल (मतलब जुगलबंधी), अऊर अथा किम (मतलब अब कहाँ?) सम्मिलित हैं। उ गोपी कृष्णा के साथे हिन्दी फिल्म, उमराव जान (१९८१) के कोरियोग्राफर भी रहीं।[६]
लखिया कईयो शिष्यन के गुरु रहे, जेहिमा कथक नर्तकी अदिति मंगलदास, वैशाली त्रिवेदी, संध्या देशाई, दक्ष सेठ, मौलिक शाह, इशिरा पारिख, प्रशांत शाह, उर्जा ठाकुर अऊर पारुल शाह सम्मिलित रहे।
व्यक्तिगत जीवन और मृत्यु
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]कुमुदिनी लखिया रजनीकांत लखिया से बियाह किहिन, जे लिंकन इन मा कानून पढ़त रहें अऊर १९६० मा अहमदाबाद चले जाय से पहिले राम गोपाल कंपनी मा वायलिन वादक रहें। ओनके एक बेटवा श्रीराज अऊर एक बिटिया मैत्रेयी रहीं।
लखिया कै मउत १२ अप्रैल २०२५ का अहमदाबाद मा ९४ वर्ष कै उमिर मा भै।
नृत्यरचना
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]- "ठुमरी में परिवर्तन" (१९६९)
- "वेणु नाद" (१९७०)
- "भजन" (१९८५)
- "होरी" (१९७०)
- "कोलाहल" (१९७१)
- "दुविधा" (१९७१)
- "ढाबकर" (१९७३)
- "युगल" (१९७६)
- "उमराव जान" (१९८१)
- "अताह किम" (१९८२)
- "ओखा हरन" (१९९०)
- "हुन-नारी" (१९९३)
- "गोल्डन चेन्स" (नीना गुप्त के लिए, लंदन)
- "सैम संवादन" (१९९३)
- "समनव्य" (२००३)
- "भाव क्रीड़ा" (१९९९)
- "पंख वाला कपड़ा-हैगोरोमो" (२००६)
- "मुश्त" (२००५)[५]
पुरस्कार और सम्मान
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]- १९८७ में भारत सरकार से पद्म श्री
- २०१० में पद्म भूषण
- १९८२ में संगीत नाटक अकादमी से संगीत नाटक अकादमी अवार्ड
- २००२-०३ में कालिदास सम्मान
- २०११ में संगीत नाटक अकादमी से संगीत नाटक अकादमी टैगोर रत्न
- २०२१ में केरल सरकार से गुरु गोपीनाथ नाट्य पुरस्कारम्
- २०२५ में कला की श्रेणी में पद्म विभूषण
संदर्भ
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]- ↑ Swaminathan, Chitra (२१ मई २०२०). "Kumudini Lakhia: The lovable diva of choreography". The Hindu. ई ३१ मार्च २०२६ को पुनः प्राप्त कीन गा .
{{cite web}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी) - ↑ Pathak, Rujul (१७ जुलाई २००२). "Dancing your way to health!". The Times of India. ई ३१ मार्च २०२६ को पुनः प्राप्त कीन गा .
{{cite web}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी) - ↑ Howard, Rachel (२४ सितम्बर २००६), When Many Feet Make Loud Work (अमेरिकी अंग्रेज़ी भाषा में), ISSN 0362-4331, ई ३१ मार्च २०२६ को पुनः प्राप्त कीन गा
{{citation}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी) - ↑ "The Hindu : Magazine / Culture : Dance of the masters". hindu.com. २१ नवम्बर २००४. मूल से से ३१ मई २००५ के पुरालेखित. ई ३१ मार्च २०२६ को पुनः प्राप्त कीन गा .
{{cite web}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी) - 1 2 "New vocabulary for Kathak". The Hindu. १० अक्टूबर २०१६. ई ३१ मार्च २०२६ को पुनः प्राप्त कीन गा .
{{cite web}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी) - ↑ imdb.com https://www.imdb.com/name/nm1252082/. ई ३१ मार्च २०२६ को पुनः प्राप्त कीन गा .
{{cite web}}: Missing or empty|title=(मदद)CS1 maint: date auto-translated (कड़ी)