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ख़ुजन्द

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खुजन्द[] (ताजिकी: Хуҷанд, ur, ख़ुजन्द; रूसी: Худжанд, ख़ुदझ़न्द), जवन १९३६ लेके पहिले ख़ोदजेन्द अउर १९९१ लेके लेनिनाबाद नाम से जानल जात रहै, ओह मध्य एशिया के ताजिकिस्तान देश के दुसरका सबे से बड़ शहर ह अउर उहीं के सुग़्द परान्त के राजधानी हवे।ए नगर सिर दरिया किनारे फ़रग़ना वादी के मुँह पर बसल बा। खुजन्द के जनसंख्या १९८९ के जनगणना में लगभग १.६ लाख रहल, बाकिर २०१० में घट के करीब १.४९ लाख हो गइल। इहाँ के अधिकतर लोग ताजिक समुदाय के हउवन आ ताजिकी फ़ारसी बोलत हउवन।[]

'ख़ुजन्द' शब्द में 'ख़' अक्षर के उच्चारण पर ध्यान दिहल जाय, काहेकि ई बिना बिंदी वाला 'ख' से थोरा अलग बाटे। एह के उच्चारण 'ख़राब' आ 'ख़रीद' वाला 'ख़' जइसन होला।[]

Syr Darya Oblast. City of Khodzhend. Market Square WDL10928

प्राचीनकाल में ख़ुजन्द के ईरान से गाढ़ा नाता रहल आ बहुत प्रसिद्ध पुरान फ़ारसी कवि‑विज्ञानिक ई सहर से निकलल हउवन। इस्लाम आवे के बाद ८वीं सदी ईस्वी में अरब लोगन ई शहर पर काबू क लिहलन, बाकिर बाद में उठल मंगोल साम्राज्य से ई बहुत दिन ले जुझत रहल। तुर्की‑मंगोल मूल के तैमूरी साम्राज्य उठे प खु़जन्द ओह साम्राज्य के भाग बन गइल।

१८६६ में रूसी साम्राज्य मध्य एशिया तरफ बढ़त रहल आ खु़जन्द ख़ानत के इलाकन के पीछे धकेल दिहलस। बाद में बाकी ताजिकिस्तान के साथ ई सहरो सोवियत संघ में सामिल हो गइल, जवन २७ अक्तूबर १९३९ के अपना राष्ट्रपिता लेनिन के सम्मान में सहर के नाम बदल के लेनिनाबाद रख दिहलस। १९९२ में सोवियत संघ टूटे प लेनिनाबाद के पुरान नाम फेरु बदल के खु़जन्द राख दिहल गइल।

Khujand (LBD - UTDL) AN2218848

खुजन्द हवाई अड्डा से दुशान्बे अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डा खातिर नियमित उड़ान चलत हीं, अउर रूस के कई शहरन ले भी जहाज जात‑आवत रहत हीं। खुजन्द से रेल के जुड़ान भी बा, जे उज्बेकिस्तान के समरकन्द होते‑होते दुशान्बे तक जात हवे। शहर सड़की रस्ता से ज़ेरवशन नदी घाटी में बसल पंजकेंट आ अंजोब सुरंग के राहे दुशान्बे से जुड़ल बाटे।

पाँच किलोमीटर लम्बा ई सुरंग, जे दुशान्बे से करीब ८० किलोमीटर उत्तर‑पछिम तरफ पड़त हवे आ जेकरे बनावे में ईरान से सहयता मिलिन रही, दुशान्बे आ उज्बेकिस्तान के राजधानी ताशकन्द के बीचो एक अहम गुजरगाह हवे। पहिले, खास कर जाड़ा के महीना में, उत्तरी आ दक्खिनी ताजिकिस्तान बीच सीधा जुड़ान न रहे से, ई इलाका में कारोबार‑व्यापार के कार्यकाज बार‑बार अटकत‑फँसत रहत रहे।