गुरु पूर्णिमा
| गुरु पूर्णिमा, अषाढ़ी | |
|---|---|
| आधिकारिक नाम | गुरु पूर्णिमा |
| मनावे वाला | अमेरिका, कनाडा, यूरोप, तिब्बत, भूटान, केन्या, भारत, नेपाल अउर दुनिया के दुसरे हिस्सन मा हिंदू, सिख श्रद्धालु औ बौद्ध शिष्य। |
| किसिम | अंतर्राष्ट्रीय, धार्मिक, सांस्कृतिक |
| महत्व | आध्यात्मिक गुरुन के प्रति आभार व्यक्त करै खातिन[१] |
| उत्सव | गुरु पूजन और मंदिर दर्शन[२] |
| मनावल | गुरु पूजा |
| तारीख | आषाढ पूर्णिमा |
| बारंबारता | वार्षिक |
गुरु पूर्णिमा ,अषाढ़ी या बेढ़ई[३] एक त्योहार आय जउन आध्यात्मिक अउर अकादमिक गुरुन के सम्मान खातिन समर्पित है।[४] यो भारत, नेपाल अउर भूटान मा हिन्दू, सिख अउर बौद्धन द्वारा एक त्योहार के रूप मा मनावा जात है। यो हिन्दू कैलेंडर के अनुसार आषाढ़ (जून-जुलाई) के महीना मा पुन्नवासी (पूर्णिमा) के दिन मनावा जात है। [५] ई त्योहार का व्यास पूर्णिमा के रूप मा जाना जात है, काहे ते कि यई दिन महाभारत के लेखक अउर वेदन के संकलक वेद व्यास जी क्यार जनम भा रहै। [४] [६]
अवध के कुछ क्षेत्रन मा ई दिन का बेढ़ई के त्योहार के रूप मा मनावा जात है।[७] बेढ़ई बनावै खातिन पहिले उर्द की दाल मा हींग गबड़ि के पीसि लीन जाति है, फिर वहिमा जीरा, नमक, हरी मिर्च औ धनिया डारि के आटा की लोइन मा धरि के ब्याला जात है। रोटी की तना उनका सेंकि के आंबन के साथै खावा जात है।[८] अवधी के याक कहावत है "असाढ़ी परब पसारी", माने अषाढ़ी के बादि एक एक कइके त्योहारन के आमद होए लागति है।
व्युत्पत्ति
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]गुरु शब्द संस्कृत के मूल शब्द गु अउर रु ते बना है। गु का मतलब "अंधेरा" या "अज्ञानता", अउर रु का मतलब "मेटारै वाला" होत है। [९] माने, एक गुरु अंधकार या अज्ञानता का मेटारै वाला होत है। [१०]
पालन
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]हिंदू धर्म
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]गुरुपूर्णिमा उत्सव क दिन आध्यात्मिकता ते परिपूर्ण होत है, यहि दिन गुरु पूजा होति है जेहिमा गुरु के सम्मान मा अनुष्ठान आयोजिन कीनि जाति हैं। धार्मिक महत्व के अलावा, यो त्योहार भारतीय शिक्षाविदन, छात्रन अउर विद्वानन खातिन बहुत महत्व रखत है। भारतीय छात्र अपने शिक्षकन का धन्यवाद देय के साथ-साथ पिछले शिक्षकन अउर विद्वानन का याद कइके यो दिन मनावति हैं। [११]आज के दिन उनके जीवन अउर उपदेशन का याद कइके गुरुन का पूजन कीन जात है। उत्सव के बाद आमतौर पर शिष्यन के बरे एक भोज आयोजित कीन जात है, जहाँ प्रसाद अउर चरणामृत वितरित कीन जात है। [१२] गुरुगीता जइसे हिन्दू ग्रंथन क विशेष पाठ दिन भर होत है। कइयो जगहन पर भजन, कीर्तन अउर हवन क आयोजन कीन जात है। [१३] ई दिन पदपूजा क अनुष्ठानौ कीन जात है, जेहिमा गुरु की पादुकन के पूजा कीन जाति है। [१४] शिष्य गुरु के मार्गदर्शन मा चलै के प्रतिज्ञा करति हैं। [१२] [१५] वैदिक हिन्दू परम्परा मा, ई दिन का व्यास ऋषि के सम्मान मा मनावा जात है, यही के मारे यहिका व्यास पूर्णिमा के रूप मा भी जाना जात है। [१६] विभिन्न मंदिरन मा व्यास पूजा होति है, जहां उनके सम्मान मा पुष्पांजलि अउर प्रतीकात्मक उपहार दीन जाति हैं। [१७] हिन्दू तपस्वी अउर संन्यासी अपने गुरु का पूजा अर्पित कइके यो दिन मनावति हैं, चौमासा के दौरान, प्रवचनन का आयोजन कीन जात है। [१८]
बौद्ध धर्म
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]बौद्ध ई त्योहार का भगवान बुद्ध के सम्मान मा मनावति हैं। यई दिन बुद्ध भगवान भारत के उत्तर प्रदेश के सारनाथ मा अपन पहिल प्रवचन दीन्हेनि रहैं।
नेपाल
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]नेपाल मा, गुरु पूर्णिमा एक बड़ा त्योहार है। ई दिन नेपाल मा शिक्षक दिवस मनावा जात है। छात्र अपने शिक्षकन का सम्मान करति हैं, स्वादिष्ट व्यंजन, माला अउर देशी कपड़ा ते बनी टोपी समर्पित करति हैं। शिक्षकन के मेहनत के सराहना करै खातिन छात्र अक्सर स्कूलन मा धूमधाम ते आयोजन करति हैं। यहिका शिक्षक-छात्र संबंधन के बंधन का मजबूत करै के एक महान अवसर के रूप मा द्याखा जात है। [१९]
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मा गुरुपूर्णिमा
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के छा त्योहारन मा गुरु पूर्णिमा सामिल है। सुरुचि प्रकाशन ते छपी किताब संघ उत्सव मा संघ के त्योहारन के जानकारी दीन गै है। आर एस एस मा ध्वज का गुरु माना जात है। सब स्वयंसेवक ध्वज प्रणाम कइके संघ के कार्य खातिन पुष्प औ धन इत्यादि समर्पित करति हैं।[२०]
संदर्भ
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]- ↑ "Guru Purnima India: Date, Story, Quotes, Importance, Special Messages". SA News. ई २३ जुलाई २०२१ को पुनः प्राप्त कीन गा .
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- ↑ https://www.google.co.in/books/edition/%E0%A4%85%E0%A4%B5%E0%A4%A7_%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A5%83%E0%A4%A4%E0%A4%BF_%E0%A4%B5/25TQDQAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&printsec=frontcover&bsq=%E0%A4%AC%E0%A5%87%E0%A5%9D%E0%A4%88
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