जलालाबाद
| जलालाबाद جلالآباد | |
|---|---|
| शहर | |
| मॉड्यूल:Location_map में पंक्ति 526 पर लुआ त्रुटि: Unable to find the specified location map definition: "Module:Location map/data/Hindu-Kush" does not exist। | |
| निर्देशांक: 34°26′03″N 70°26′52″E / 34.43417°N 70.44778°E | |
| देस | |
| प्रदेस | नानगरहार प्रान्त |
| स्थापना | १५७० |
| क्षेत्रफल | |
| • थल | 122 किमी2 (४७ वर्गमील) |
| ऊँचाई | 575 मी (१,८८६ फीट) |
| जनसंख्या (2021)[१] | |
| • कुल | २८०,६८५ |
| [१] | |
| समय मण्डल | Afghanistan Standard Time (यूटीसी+4:30) |
जलाल आबाद - मशरीकी अफगानिस्तान कय एक सहर (अंग्रेज़ी: Jalal Abad, पश्तो:جلال ابادजलाल अब्बाद) ई सहर अफगानिस्तान मा काबुल नदियन औ किनार या कन्नड़ नदियन कय संगम पे बसा अहै। वाडी लघमान कय ई सहर अफगानिस्तान कय नानिगहर प्राण्त कय राजधानी भी होय। जलाल आबाद काबुल से मशरिक के ओर ९५ मील के दूरी पर स्थित है, वही दूरी पिशावर (पाकिस्तान) से मगरिब के ओर है।
जलालाबाद पूर्वी अफगानिस्तान कय सबसे बड़ा शहर होय औ, यहि तरह, इ क्षेत्र कय सामाजिक औ वाणिज्यिक केंद्र कय रूप मा काम करत है। ई अपने कागज उद्योग, फल उत्पादन, चावल अऊर गिनी के लिए प्रसिद्ध है। जलालाबाद पाकिस्तान, भारत अऊर दुसर एशियाई शक्तियन के साथे व्यापार के लिए महत्वपूर्ण महत्व रखत है।
तारीख़
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]६३० ई. मा जब चीन कय प्रसिद्ध बौद्ध नेता ज़ुआनजांग जलालाबाद पहुँचा तौ ओनका लाग कि हम हिन्दूस्तान पहुँच गयेन। उ समय ई शहर गांधा संस्कृति कय एक प्रमुख केंद्र रहा औ सातवीं शताब्दी मा अरब आक्रमणकारियन द्वारा जीत लिहिस। विजय के बाद भी, स्थानीय आबादी के कुछ वर्ग इस्लाम स्वीकार करै से इनकार कइ दिहिन। एक ऐतिहासिक किताब, हदुद अल-आलम, जवन ९८२ ई. मा लिखा गा रहा, बतावत है कि जलालाबाद के आसपास एक शहर रहा जहाँ वर्तमान राजा के हिंदू, मुसलमान अऊर अफगान पत्नी रहत रहीं। ई सहर दसवीं शताब्दी मा गजनवी साम्राज्य कय भाग बन गा, जब सुल्तान महमूद गजनवी भारत पे आक्रमण किहिन। सम्राट बाबर के शासनकाल में जलालाबाद का प्रमुखता मिली। मुगल भारत कय मुगल बादशाह बाबर इ नगर कय केंद्रीय दर्जा दिहिन औ बाबर कय पोता जलालुद्दीन मुहम्मद अकबर कय शासनकाल मा ई नगर कय प्रगति जारी रही। जलालाबाद कय मूल नाँव अदीनापुर रहा, लेकिन जलालुद्दीन मुहम्मद अकबर कय पक्षपात कय कारन यकै नाँव बदलि कय जलालाबाद कै दीन गा। ई सहर पै सबसे पहिले १८४२ मा अकबर खान द्वारा ब्रिटिश सेना द्वारा हमला कीन गा रहा, लेकिन दूसरे एंग्लो-अफगान युद्ध के दौरान, ब्रिटिश सेना आगे बढ़ी, अऊर १८७८ मा सहर का कुचल दिहिस। १९८० अऊर १९९० के बीच अफगान युद्ध के दौरान ई शहर केंद्रीय दर्जा रखत रहा, अऊर ई काबुल के बाद दूसर सबसे बड़ा शहर बन गवा। काबुल पर हमले के दौरान अफगान तालिबान ने शहर पर कब्जा कर लिया था। आज ई शहर नाटो अऊर संयुक्त राष्ट्र के मदद से फिर से बनावा जात है, अऊर युद्धग्रस्त क्षेत्र जवन पाकिस्तान से खो गा रहा, धीरे-धीरे वापस आवत अहै। जलालाबाद अफगान संस्कृति मा एक केंद्रीय स्थान रखत है। स्थानीय अफगान सेना के अलावा हिंया बड़ी संख्या मा अमेरिकी सैन्य इकाइयन मौजूद हैं, अऊर जलालाबाद हवाई अड्डा पै अमेरिकी सैन्य अड्डा अफगानिस्तान मा सबसे बड़ा अमेरिकी अड्डा माना जात है।