ज्ञानपीठ पुरस्कार
| ज्ञानपीठ पुरस्कार | |
|---|---|
साहित्य मा योगदान के बरे इनाम | |
पुरस्कार-पट्टिका | |
| विषय | साहित्य |
| प्रायोजक | भारतीय ज्ञानपीठ |
| पहिल अलंकरण | 1965 |
| आखिरी अलंकरण | 2025 |
| प्राप्तकर्तन के संख्या | वैरामुथु |
| प्रमुख आकर्षण | |
| कुल विजेता | 65 |
| पहले विजेता | गोविन्द शंकर कुरुप |
| वेबसाइट | jnanpith |
ज्ञानपीठ पुरस्कार भारतीय ज्ञानपीठ द्वारा हर साल एक लेखक का उनके "साहित्य के क्षेत्र मा उत्कृष्ट योगदान" खातिन दीन जाय वाला सबते पुरान अउर सर्वोच्च भारतीय साहित्यिक पुरस्कार आय। 1961 मा स्थापित, यो पुरस्कार खाली भारतीय लेखकन का प्रदान कीन जात है जउन भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची मा शामिल भारतीय भाषन अथवा अँगरेजी मा लिखति हैं। यो पुरस्कार मरणोपरांत नहीं दीन जात है। [१]
1965 ते लइके 1981 तक, यो पुरस्कार लेखकन का उनके "सबते उत्कृष्ट काम" खातिन दीन जात रहै अउर यहिमा एक प्रशस्ति पत्र, एक नकद पुरस्कार अउर देवी सरस्वती के याक कांस्य प्रतिमा सामिल रहै। [२] [३] ई पुरस्कार के पहिल प्राप्तकर्ता मलयालम लेखक जी. शंकर कुरुप रहैं जिनका सन् 1965 मा 1950 मा प्रकाशित अपने कविता संग्रह, ओडक्कुऴळ् (बांसुरी) खातिन यो पुरस्कार दीन गा रहै। [४] पुरस्कार के नियमन का बादि के सालन मा संशोधित कीन गा ताकि पुरस्कार के साल का छाँड़ि कै खाली पिछले बीस सालन के दौरान प्रकाशित रचनन पर विचार कीन जा सकै। 1981 मा, नकद पुरस्कार बढ़ा के ₹1.5 लाख कइ दीन गा जेहिके कीमत 2023 मा 31 लाख के करीब होई। [५]
2015 ते, नकद पुरस्कार ₹11 लाख कइ दीन गा। यो पुरस्कार आठ महिला लेखकन समेत 65 लेखकन का प्रदान कीन गा है। 1976 मा, बंगाली उपन्यासकार आशापूर्णा देवी 1965 के उपन्यास प्रोथोम प्रोतिश्रुति ( द फर्स्ट प्रॉमिस ) के बरे पुरस्कार जीतै वाली पहिली महिला बनीं। [६]
प्राप्तकर्ता
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]| † | संयुक्त पुरस्कार |


| साल | प्राप्तकर्ता | भाषा | रचना | विधा | |
|---|---|---|---|---|---|
| 1965 (पहिल) |
जी. शंकर कुरुप | मलयालम | ओडक्कुष़ल (द बैम्बू फ्लूट) | कविता | [d] |
| 1966 (दूसर) |
ताराशंकर बंद्योपाध्याय | बंगाली | गणदेवता | उपन्यास | [e][८] |
| 1967 (तीसर) † |
उमाशंकर जोशी | गुजराती | निशीथ | कविता | [f][८] |
| कुप्पली वेंकटप्पा पुट्टप्पा 'कुवेम्पू' | कन्नड़ | श्री रामायण दर्शनम् | महाकाव्य | [g][८] | |
| 1968 (चउथ) |
सुमित्रानंदन पंत | हिन्दी | चिदंबरा | कविता | [h][८] |
| 1969 (पँचवा) |
फ़िराक़ गोरखपुरी | उर्दू | गुल-ए-नग्मा | कविता | [i][८] |
| 1970 (छठा) |
विश्वनाथ सत्यनारायण | तेलुगु | रामायण कल्पवृक्षमु | महाकाव्य | [j][८] |
| 1971 (सतवां) |
विष्णु डे | बंगाली | स्मृति सत्ता भविष्यत | कविता | [k][८] |
| 1972 (अठवां) |
रामधारी सिंह 'दिनकर' | हिन्दी | उर्वशी | कविता | [l][८] |
| 1973 (नवां) † |
द. रा. बेन्द्रे | कन्नड़ | नाकु तंती | कविता | [m][८] |
| गोपीनाथ मोहंती | ओड़िया | माटी मटाल (द फर्टाइल सॉइल) | उपन्यास | [n][८] | |
| 1974 (दसवां) |
विष्णु सखाराम खांडेकर | मराठी | ययाति | उपन्यास | [o][८] |
| 1975 (ग्यारवां) |
अकिलन | तमिल | चित्रै पावै | उपन्यास | [p][८] |
| 1976 (बारवां) |
आशापूर्णा देवी | बंगाली | प्रथम प्रतिश्रुति (द फर्स्ट प्रॉमिस) | उपन्यास | [q][८] |
| 1977 (तेरवां) |
के. शिवराम कारंत | कन्नड़ | मूकज्जिया कनसुगलु (ड्रीम्स ऑफ मूकज्जी) | उपन्यास | [r][८] |
| 1978 (चउदवां) |
सच्चिदानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' | हिन्दी | कितनी नावों में कितनी बार | कविता | [s][८] |
| 1979 (पंद्रवां) |
बीरेन्द्र कुमार भट्टाचार्य | असमिया | मृत्युंजय | उपन्यास | [t][८] |
| 1980 (सोलवां) |
एस. के. पोट्टेक्काट्ट | मलयालम | ओरु देसाथिनते कथा (द स्टोरी ऑफ अ लोकल) | उपन्यास | [u][८] |
| 1981 (सत्रवां) |
अमृता प्रीतम | पंजाबी | कागज ते कैनवास | कविता | [v][८] |
| 1982 (अठारवां) |
महादेवी वर्मा | हिन्दी | यामा | कविता |
[w] |
| 1983 (ओनइसवां) |
मास्ती वेंकटेश अय्यंगार | कन्नड़ | आजीवन योगदान | ||
| 1984 (बीसवां) |
तकाषी शिवशंकरा पिल्लै | मलयालम | आजीवन योगदान | ||
| 1985 (एकइसवां) |
पन्नालाल पटेल | गुजराती | आजीवन योगदान | [16] | |
| 1986 (बाइसवां) |
सच्चिदानंद राउतराय | ओड़िया | आजीवन योगदान | ||
| 1987 (तेइसवां) |
विष्णु वामन शिरवाडकर 'कुसुमाग्रज' | मराठी | आजीवन योगदान | [18] | |
| 1988 (चउबिसवां) |
सी. नारायण रेड्डी | तेलुगु | आजीवन योगदान | ||
| 1989 (पच्चीसवां) |
कुर्रतुलऐन हैदर | उर्दू | आजीवन योगदान | ||
| 1990 (छब्बीसवां) |
विनायक कृष्ण गोकाक | कन्नड़ | आजीवन योगदान | ||
| 1991 (सत्ताईसवां) |
सुभाष मुखोपाध्याय | बंगाली | आजीवन योगदान | ||
| 1992 (अठाईसवां) |
नरेश मेहता | हिन्दी | आजीवन योगदान | [23] | |
| 1993 (उनतीसवां) |
सीताकांत महापात्र | ओड़िया | आजीवन योगदान | ||
| 1994 (तीसवां) |
यू. आर. अनंतमूर्ति | कन्नड़ | आजीवन योगदान | ||
| 1995 (इकतीसवां) |
एम. टी. वासुदेव नायर | मलयालम | आजीवन योगदान | [26] | |
| 1996 (बत्तीसवां) |
महाश्वेता देवी | बंगाली | आजीवन योगदान | ||
| 1997 (तैंतीसवां) |
अली सरदार जाफरी | उर्दू | आजीवन योगदान | ||
| 1998 (चौंतीसवां) |
गिरीश कर्नाड | कन्नड़ | आजीवन योगदान | ||
| 1999 (पैंतीसवां) † |
निर्मल वर्मा | हिन्दी | आजीवन योगदान | ||
| गुरदयाल सिंह | पंजाबी | आजीवन योगदान | [९] | ||
| 2000 (छत्तीसवां) |
मामोनी रायसम गोस्वामी | असमिया | आजीवन योगदान | ||
| 2001 (सैंतीसवां) |
राजेन्द्र शाह | गुजराती | आजीवन योगदान | ||
| 2002 (अड़तीसवां) |
जयकांतन | तमिल | आजीवन योगदान | ||
| 2003 (उनतालीसवां) |
विंदा करंदीकर | मराठी | आजीवन योगदान | ||
| 2004 (चालीसवां) |
रहमान राही | कश्मीरी | आजीवन योगदान | ||
| 2005 (इकतालीसवां) |
कुंवर नारायण | हिन्दी | आजीवन योगदान | ||
| 2006 (बयालीसवां) † |
रवींद्र केलेकर | कोंकणी | आजीवन योगदान | [१०] | |
| सत्यव्रत शास्त्री | संस्कृत | आजीवन योगदान | [१०] | ||
| 2007 (तैंतालीसवां) |
ओ. एन. वी. कुरुप | मलयालम | आजीवन योगदान | ||
| 2008 (चवालीसवां) |
अखलाक मोहम्मद खान 'शहरीयार' | उर्दू | आजीवन योगदान | ||
| 2009 (पैंतालीसवां) † |
अमरकांत | हिन्दी | आजीवन योगदान | ||
| श्रीलाल शुक्ल | आजीवन योगदान | [११] | |||
| 2010 (छियालीसवां) |
चन्द्रशेखर कम्बार | कन्नड़ | आजीवन योगदान | ||
| 2011 (सैंतालीसवां) |
प्रतिभा राय | ओड़िया | आजीवन योगदान | ||
| 2012 (अड़तालीसवां) |
रावुरी भारद्वाज | तेलुगु | आजीवन योगदान | [१२] | |
| 2013 (उनचासवां) |
केदारनाथ सिंह | हिन्दी | आजीवन योगदान | [१३] | |
| 2014 (पचासवां) |
भालचंद्र नेमाड़े | मराठी | आजीवन योगदान | [१४] | |
| 2015 (इक्यावनवां) |
रघुवीर चौधरी | गुजराती | आजीवन योगदान | [१५] | |
| 2016 (बावनवां) |
शंख घोष | बंगाली | आजीवन योगदान | ||
| 2017 (तिरेपनवां) |
कृष्णा सोबती | हिन्दी | आजीवन योगदान | ||
| 2018 (चव्वनवां) |
अमिताभ घोष | अंग्रेज़ी | आजीवन योगदान | ||
| 2019 (पचपनवां) |
अक्कीथम अच्युतन नंबूथिरी | मलयालम | आजीवन योगदान | ||
| 2020 (छप्पनवां) |
नीलमणि फूकन | असमिया | आजीवन योगदान | [१६] [१७] | |
| 2022 (सत्तावनवां) |
दामोदर माउज़ो | कोंकणी | आजीवन योगदान | ||
| 2023 (अठावनवां) † |
रामभद्राचार्य | संस्कृत | आजीवन योगदान | ||
| गुलज़ार | उर्दू | आजीवन योगदान | |||
| 2024 (उनसठवां) |
विनोद कुमार शुक्ल | हिन्दी | आजीवन योगदान | [१८] | |
| 2025 (साठवां) |
वैरमुथु | तमिल | आजीवन योगदान | [१९] | |

भाषा के अनुसार ज्ञानपीठ प्राप्तकर्ता
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]तेइस पात्र भाषन मइहाँ, यो पुरस्कार सोला भाषान मा काम खातिन दीन गा है। सन १९६५ ते २०२५ तक के ६६ ज्ञानपीठ पुरस्कृत लोग निम्नलिखित भासन मा लिखति रहैं-
| भासा | संख्या |
|---|---|
| हिन्दी | 12 |
| कन्नड़ | 8 |
| बंगाली | 6 |
| मलयालम | |
| उर्दू | 5 |
| गुजराती | 4 |
| मराठी | |
| उड़िया | |
| असमिया | 3 |
| तमिल | |
| तेलुगु | |
| कोंकणी | 2 |
| पंजाबी | |
| संस्कृत | |
| अंगरेजी | 1 |
| कश्मीरी |
भाषा परिवार अउर शाखा के अनुसार:
| परिवार | डार | संख्या |
|---|---|---|
| भारोपीय | भारतीय आर्य भाषा | 45 |
| जर्मैनिक | 1 | |
| द्रविड़ | दक्खिन | 17 |
| दक्खिन-मध्य | 3 |
नोट्स
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संदर्भ
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]- ↑ "Proposal for the 52nd Jnanpith Award" (PDF). Bharatiya Jnanpith. १८ अप्रैल २०१६. मूल से (PDF) से ९ मई २०१६ के पुरालेखित. ई २८ मई २०१६ को पुनः प्राप्त कीन गा .
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<ref>टैग; "JP09" नामक संदर्भों के लिए कोई टेक्स्ट प्रदान नहीं किया गया है - ↑ "प्रतिष्ठित तेलुगु साहित्यकार श्री रावुरी भारद्वाज को 48वां ज्ञानपीठ पुरस्कार" (PDF). भारतीय ज्ञानपीठ. १७ अप्रैल २०१३. मूल से (PDF) से ४ मार्च २०१६ के पुरालेखित. ई २० मई २०१६ को पुनः प्राप्त कीन गा .
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{{cite web}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी) - ↑ "प्रतिष्ठित मराठी साहित्यकार श्री भालचंद्र नेमाड़े को 50वां ज्ञानपीठ पुरस्कार" (PDF). भारतीय ज्ञानपीठ. ६ फरवरी २०१५. मूल से (PDF) से ११ जून २०१६ के पुरालेखित. ई २० मई २०१६ को पुनः प्राप्त कीन गा .
{{cite web}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी) - ↑ "प्रतिष्ठित गुजराती साहित्यकार श्री रघुवीर चौधरी को 51वां ज्ञानपीठ पुरस्कार" (PDF). भारतीय ज्ञानपीठ. २९ दिसम्बर २०१५. मूल से (PDF) से २३ जनवरी २०१६ के पुरालेखित. ई २० मई २०१६ को पुनः प्राप्त कीन गा .
{{cite web}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी) - ↑ श्रीकांत, स्वर्णा (२०२१-१२-०७). "दामोदर माउज़ो ने ज्ञानपीठ पुरस्कार जीता, यहाँ वह सब कुछ है जो आपको प्रसिद्ध गोअन लेखक के बारे में जानने की आवश्यकता है". फ्री प्रेस जर्नल. ई २०२६-०३-१४ को पुनः प्राप्त कीन गा .
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