डॉली गुलेरिया
डॉली गुलेरिया | |
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| पृष्ठभूमि | |
| जन्म नाम | रुपिंदर कौर सोढ़ी |
| जन्म | 14 April 1949 बॉम्बे, भारत |
| विधायें | |
| पेशा |
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| सक्रियता वर्ष | 1966 से अब तक |
| लेबल | डू रे मी क्रिएशन्स |
| वेबसाइट | dollyguleria |
डॉली गुलेरिया (जन्म 14 अप्रैल 1949) एक भारतीय गायक हैं, मुख्य रूप से पंजाबी मा एक लोक गायिका हैं जेका संगीत के पंजाबी लोक, शबद गुरबानी, सूफी अऊर गजल विधाओं मा विशेषज्ञता है। उ प्रोफेसर जोगिन्द्र सिंह अऊर दिग्गज लोकगायिका सुरिंदर कौर के बिटिया हैं, जेका लोकप्रिय रूप से 'द नाइटिंगेल ऑफ पंजाब' के नाम से जाना जात है।[१]
कैरियर
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]अपनी मेडिकल पढ़ाई के दौरान, गुलेरिया एक डॉक्टर के रूप मा करियर बनावै के तलाश किहिन। 1970 मा उ सेना अधिकारी कर्नल एस.एस.गुलेरिया से शादी किहिन अऊर एक बिटिया सुनैनी शर्मा अऊर दुई बेटवा दिलप्रीत सिंह अऊर अमनप्रीत सिंह हैं।[२] मातृत्व के साथ बसै के बाद उनका अपने पति द्वारा शास्त्रीय संगीत मा आपन प्रशिक्षण जारी रखै के लिए प्रोत्साहित कीन गा रहा, 'पटियाला घराना' के एक बहुत विद्वान उस्ताद, 'खान साहब' अब्दुल रहमान खान, के शिष्य बनै का मौका पावै पर, जे उनका शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र मा प्रशिक्षित किहिन।[३]
अपने उस्ताद के सक्षम मार्गदर्शन मा, उ रागस मा गुरबानी मा आपन एकल पहिला एल्बम जारी करै का चुनिन अऊर अपने मूल रागन मा शाम 'पाठ' "रेहरास साहिब" गाइन। [४]यहिके बाद पंजाबी लोकगीतन के एल्बम रिलीज भए, कुछ उनके महतारी के साथे अऊर कुछ एकल जेहिमा शबद कीर्तन, शिवकुमार बटालवी, भाई वीर सिंह अऊर अन्य नामी लेखकन के कविता शामिल रहीं।[३]
उ पंजाबी फिल्मन जइसे कि रब डायन राखन, देसन परदेस अऊर मैं मां पंजाब दी मा एक प्लेबैक गायिका के रूप मा आपन आवाज भी दिहिन हैं।[२]
पहचान
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]नवंबर 1997 मा पाकिस्तान के आपन सद्भावना अऊर सांस्कृतिक आदान-प्रदान यात्रा के दौरान उ अऊर उनकर बिटिया सुनैनी शर्मा गद्दाफी स्टेडियम, लाहौर अऊर फैसलबाद (ल्यालपुर) मा चेनाब क्लब मा पाकिस्तान के दर्शकन का अपने संगीत से मंत्रमुग्ध किहिन। उनके उत्कृष्ट योगदान के कारण उनका मीनार-ए-पाकिस्तान के स्वर्ण पट्टिका अऊर स्वर्ण पदक से सम्मानित कीन गा रहा।[४]
व्यक्तिगत जीवन
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]गुलेरिया अपने काम पर एक प्रमुख प्रभाव के रूप मा दर्शकन के साथ तत्काल संबंध का हवाला देत हुए लाइव प्रदर्शन का प्राथमिकता देत हैं। उ पारंपरिक पंजाबी संगीत का अपने मूल रूप मा संरक्षित करै के लिए समर्पित अहै।[५]
सन्दर्भ
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]- ↑ https://indianexpress.com/article/news-archive/ru-ba-ru-with-dolly-guleria/
- 1 2 https://indianexpress.com/article/cities/chandigarh/working-partners/
- 1 2 https://www.tribuneindia.com/1998/98jul31/art-trib.htm
- 1 2 https://positivenewsnetwork.in/index.php/2020/06/14/surinder-kaur/
- ↑ https://archive.indianexpress.com/news/song-sung-true/780050/2