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त्रिशूली नदी

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त्रिशूली नदी
रसुवा मा त्रिशूली नदी
नक्शा
भौतिक विशेषता
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मुहाना 
 • स्थान
नारायणी नदी
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द्रोणी के विशेषता
नदी तंत्रनारायणी नदी
सहायक नदी 
 • बाएंबूढ़ी गंडकी नदी, मर्स्यांगदी नदी, सेती गंडकी नदी
 • दाएंज़ारोंग-छू

त्रिशूली नदी मध्य नेपाल के नारायणी नदी बेसिन की प्रमुख सहायक नदिन मा ते एक है। या नदी तिब्बत की जिरोंग काउंटी ते निकरै वाली क्याइरोंग त्सांगपो अउर लेंडे खोला के नेपाल-तिब्बत सीमा पर रसुवा गढ़ी के पास होए वाले संगम ते सुरू होति है। ई नदी के घाटी ऐतिहासिक रूप ते काठमांडू घाटी अउर तिब्बत के बीच एक पारंपरिक व्यापारिक मार्ग रही है।

त्रिशूली नदी क नाँव हिन्दू धर्म के प्रमुख देउता शिव के त्रिशूल के नाएँ पर धरा गा है।[१] एक पौराणिक कथा के अनुसार, हिमालय मा स्थित गोसाईंकुंड मा भगवान शिव जल प्राप्त करै खातिन अपन त्रिशूल भुइँ मा गाड़ि दीन्हेनि रहैं, जेहिते तीन सोंता फूटि परें — जउन आगे चलिके त्रिशूली नदी क उद्गम बनें।[२]

त्रिशूली नदी क मूल उद्गम तिब्बत की जिरोंग काउंटी मा पेखू कांगड़ी श्रृंखला (जेहिका नेपाल मा लांगतांग हिमाल कहा जात है) मा स्थित है। दुइ प्रमुख नदी — क्याइरोंग त्सांगपो (या केरुंग खोला) अउर लेंडे खोला — नेपाल सीमा पर स्थित रसुवा गढ़ी के पास मिलिके त्रिशूली नदी क निर्माण करती हैं। आगे चलिके त्रिशूली नदी अउर वहिकी प्रमुख सहायक नदी लांगतांग खोला स्याफ्रु (या स्याप्रू बेसी) के पास मिलती हैं।

क्याइरोंग त्सांगपो क बेसिन बहुत बड़ा है, जउन ज़ोंगखा शहर तक फइला है अउर कइयो छोटी नदी (जइसे ज़ारोंग छू, ग्यांग छू, प्रोंगदा छू, उबलुंग छू, त्सलुंग छू, रागमा छू आदि) मिलिके यहिका बनउतीं हैं। रागमा के बादि या नदी हरी-भरी पर्वतीय "क्याइरोंग घाटी" (ऊंचाई 2700 मीटर) ते गुजरति है जहाँ कइयो गाँव अउर क्याइरोंग शहर स्थित हैं। यहिके बादि या एक गहरी घाटी (गॉर्ज) मा प्रवेश करत भए रसुवा गढ़ी पहुँचति है। नदी क अंतिम हिस्सा नेपाल-चीन सीमा क निर्माण करत है।[३][४]

लेंडे खोला की दुइ सहायक नदी हैं जउनी लांगतांग हिमाल ते निकरती हैं — रिचोंग छू अउर छुसुमदो त्सांगपो। इनमा ते छुसुमदो त्सांगपो नेपाल-चीन सीमा का हिस्सा बनावति है।[३]

वइसे तो त्रिशूली नदी आधिकारिक तौर पर रसुवा गढ़ी मा बनति है,[५] मुला ई चरण मा यहिका आधिकारिक रूप ते भोटे कोशी ("तिब्बत ते आवै वाली नदी") कहा जात है। धुंचे के लगे गोसाईंकुंड ते निकरै वाली त्रिशूली खोला नदी के संगम होए के बादि यहिका त्रिशूली गंगा कहा जात है।[६] यहिके मुताबिक गोसाईंकुंड का नदी क्यार आधिकारिक उद्गम अउर तिब्बत ते आवै वाली नदी का यहिकी सहायक नदी माना जा सकत है।

ताड़ी खोला अउर लिकहू खोला नाम की सहायक नदी विदुर शहर के पास त्रिशूली मा मिलती हैं। ई नदिन की घाटी बाध भंज्यांग दर्रा के माध्यम ते काठमांडू का जोड़ती हैं। ई घाटी काठमांडू अउर तिब्बत के बीच पारंपरिक व्यापार मार्ग हुआ करती रहैं।

आगे बढ़ते भए, त्रिशूली नदी देवघाट के लगे नारायणी नदी मा मिलि जाति है। नारायणी नदी दक्षिण-पश्चिम कइती बहत बहत भारत मा प्रवेश करति है अउर गंगा मा जाए के मिलति है।

त्रिशूली के कुल जलसम्भर (बेसिन) का 60% ते अधिक हिस्सा तिब्बत म परत है, जेहिके लगभग 9% भाग पर बर्फ अउर ग्लेशियर हैं। यहिके 4,640 square kilometres (1,790 sq mi) के जलग्रहण क्षेत्र का 85% भाग 3,000 metres (9,800 ft) ते अधिक ऊंचाई पर स्थित है, जेहिमा ते 11% हिस्सा 6,000 metres (20,000 ft) ते अधिक ऊंचाई पर है। 600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित बेत्रवती मा यहिका नियमित जलमापन कीन जात है।[७]

जल खेल अउर पर्यटन

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त्रिशूली नेपाल के सबते लोकप्रिय राफ्टिंग नदी आय। याहिमा संकीर्ण घाटी (गॉर्ज), रोमांचक रैपिड अउर कुछ शांत हिस्सा हैं। काठमांडू अउर पोखरा ते आसानी ते सुलभ होए के कारण हियाँ पर राफ्टिंग नेपाल की सबते लोकप्रिय बाहरी गतिविधियन मइहाँ सामिल है। त्रिशूली नदी क निर्माण गणेश हिमाल अउर लांगतांग हिमाल के बर्फ पिघलै पर होत है। हियाँ ते चितवन राष्ट्रीय उद्यान तक आसानी ते पहुँचा जा सकत है।

नेपाल के अधिकांश ट्रैवल एजेंट त्रिशूली नदी राफ्टिंग का देश के सबते रोमांचक रिवर राफ्टिंग अनुभवन के रूप मा प्रस्तुत करति हैं।

हालांकि, त्रिशूली घाटी यात्रिन के बरे खतरनाक साबित होति है। घुमावदार राजमार्ग के कारण काठमांडू के यात्रा करै वाले कइयो जने दुर्घटनन का शिकार भे हैं।[८] हर साल कइयो बस अउर ट्रक अनियंत्रित होइके ई उग्र नदी मा गिरि परति हैं।

26 अगस्त 2026 का नदी मा, खासतौर प तिब्बत सीमा पर स्थित यािके ऊपरी हिस्सा मा, एक भीषण आकस्मिक बाढ़ (फ़्लैश फ्लड) आई। इस बाढ़ ने रसुवा अउर नुवाकोट जिलों मा तथा निचले इलाकों मा बड़े पैमाने पर तबाही मचाई अउर कई लोगों की जान ले ली। इस बाढ़ को आधुनिक इतिहास की सबसे भीषण बाढ़ों मा ते एक माना गया, जो अपनी अत्यधिक गति अउर बुनियादी ढांचे को पहुंचाए गए व्यापक नुकसान के लिए जानी गई।[९]

  1. ↑ "Rafting". Tiger Mountain. ई २०१०-०५-१८ को पुनः प्राप्त कीन गा .{{cite web}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी)
  2. ↑ "Budget treks and expeditions". मूल से से २०११-०७-०८ के पुरालेखित. ई २०१०-०५-१८ को पुनः प्राप्त कीन गा .{{cite web}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी)
  3. 1 2 Tibetmap sheet 2885, Tibet Map Institute, retrieved 7 January 2023.
  4. ↑ Chan, Victor (१९९४), Tibet Handbook, Moon Publications, पृ. 924 – archive.org के माध्यम से{{citation}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी)
  5. ↑ Map of the Sino-Nepalese Frontier Line (eastern section) Archived 2025-10-30 वेबैक मशीन पर . pahar.in
  6. ↑ 2885 14 Dhunche Archived 2025-10-30 वेबैक मशीन पर ., Nepal Topographic Map, Survey Department of Nepal, 1997.
  7. ↑ K.P. Sharma. "Snow and Glacier Hydrology" (PDF). Role of Meltwater in Major River Systems of Nepal. Kathmandu Symposium, Novemberl992. ई २०१०-०५-१८ को पुनः प्राप्त कीन गा .{{cite web}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी)
  8. ↑ "UPDATE: Trishuli bus accident death toll rises to eight". The Himalayan Times. २०१९-०५-१९.{{cite web}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी)
  9. ↑ Dahal, Phanindra; Bicker, Laura (२०२६-०८-२६). "Hundreds missing and scores dead as flash flood hits Nepal-Tibet border". BBC (ब्रिटिश अंग्रेज़ी भाषा में). ई २०२६-०८-२६ को पुनः प्राप्त कीन गा .{{cite web}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी)