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दमिश्क़

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दमिश्क (अरबी: दिमश्क़) सीरिया क राजधानी आ सबले बड़ शहरन में से एक हवे। ई दक्खिन-पच्छिमी सीरिया मा, लेबनान क सीमा लगे, बरदा नदि किनारे समुदर तल से करीब ६८० मीटर ऊँच पठार पर बसल बहुते पुरान इतिहासिक सहिर हवे।[]

दमिश्क दुनियाभर मा सबसे पुरान लगातार बसल शहरन में गिनल जाला; अन्दाजा बा कि इहाँ ८०००–१०००० ईसा पूर्वे से मनइयन क बसावट शुरू हो गइल रही। लेवेंट आ अरबी दुनिया मा ई एक ठो मुख्य सांस्कृतिक केन्द्र मानल जाला, आ २०२२ क लगे-भगे शहर क अंदर वाली आबादी करीब पच्चीस लाख तक आँकल गइ, जबकि पूरा महानगरी इलाका मिला के इहसे जादे लोग रहा।[]

दूसर सहस्राब्दी ईसा पूर्व लाग दमिश्क मज़बूत बसावट के रूप मा उभर आइल रहे, आ ६६१ से ७५० ईस्वी ले उमय्यद खिलाफत क राजधानी रहे, जवन इस्लामी इतिहास मा एकर दरजा अउरी ऊँचा कर दिहिस। अब्बासी खिलाफत बनते राजनैतिक राजधानी बगदाद खिसक गइ, त दमिश्क क राजनीतिक धाक घटल, बाकिर अय्यूबी आ मामलुक दौर मा शहर फेर से बड़े ताकत आ संस्कृति क केन्द्र बन गइल।​

Barada river in Damascus (April 2009)

आज दमिश्क सीरिया क केंदरी सरकार, राष्ट्रपति दफ्तर आ ज़्यादातर मंत्रालयन आ राष्‍टरी संस्थानन क ठिकाना हवे। चारों ओर क पहाड़ी इलाका बरखा रोके के कारण इहाँ क जलवायु अध–सूखी मानल जाला; जाड़ा में जादे बरखा होले आ गर्मी क दिन गरम-सूखा रहेलन।[]

दमिश्क सहर एक बहुतै रणनीतिक जगह पर बसावा गवा रहा। ई समुद्र तल से करीब ६८० मीटर ऊँच एक पठार पर बसा अहै, अउर भूमध्य सागर से लगभग ८० किलोमीटर भीतर अहै। ई सहर एंटी-लेबनान पहाड़न से घिरा अहै, जउन एकर रक्षा करत हइं। बरादा नदी दमिश्क का पानी देत रही, अउर ई सहर व्यापारिक रास्तन के चौराहा पर रहा—एक उत्तर-दक्खिन वाला रास्ता जउन मिस्र से एशिया माइनर का जोड़त रहा, अउर दूसर पूरब-पच्छिम वाला रेगिस्तानी रास्ता जउन लेबनान से फरात नदी के घाटी तक जात रहा।

एंटी-लेबनान पहाड़न से सीरिया अउर लेबनान के सीमा बनत अहै। इन पहाड़न में १०,००० फीट से जादे ऊँचे चोटी अहैं, जउन भूमध्य सागर से आवे वाली बरखा का रोक देत हइं। एही से दमिश्क इलाका कई बेर सूखा का शिकार होत रहा। पर पुरान जमाना में बरादा नदी एकर असर कम कर देत रही, काहे कि ई नदी बर्फ पिघल के निकले पहाड़ी धारन से पैदा होत रही।

Califate 750

दमिश्क के चारों ओर घूता नाम का इलाका अहै, जउन सिंचित्त खेती वाला अहै। इहाँ पुरान जमाना से सब्जी, अनाज अउर फल उपजाए जात रहे अहैं। रोमन जमाना के नक्शा बतावत हइं कि बरादा नदी दमिश्क के पूरब एक बड़ी झील में गिरत रही। आज ई झील बहिरा अतायबा के नाम से जानी जात अहै। बहुत अधिक सूखा परे पर ई झील पूरी तरह सूखि जात अहै।

आज के दमिश्क सहर का क्षेत्रफल करीब १०५ वर्ग किलोमीटर अहै, जउनमें ७७ वर्ग किलोमीटर शहरी इलाका अहै, अउर बाकी भाग जबल क़ासियून पहाड़ घेरे अहै।

बरादा नदी के पानी बढ़े का समय बहुत कम आवत अहै। इ तस्वीर में नदी फोर सीजन्स होटल के पास देखी जात अहै।

दमिश्क का पुरान सहर, जउन शहरपनाह (दीवार) से घिरा अहै, बरादा नदी के दक्खिनी किनारे बसल अहै। आजकल नदी में बस नाममात्र पानी बचा अहै। पुरान सहर के दक्खिन-पूरब, उत्तर अउर उत्तर-पूरब में उपनगर अहैं, जउनका इतिहास मध्यकाल तक जात अहै—जइसे मिदान (दक्खिन-पच्छिम), सरूजा अउर इमारा (उत्तर अउर उत्तर-पच्छिम)। ई मुहल्ला पहिले सहर से निकले वाली सड़कन के किनारे बसे, जिहाँ धार्मिक महापुरुषन के मजार अहैं।

१९वीं सदी में जबल क़ासियून के ढलान पर नए गाँव बसे, जिहाँ से पूरा सहर दिखत अहै। इहाँ अल-वर्षिहियाह मुहल्ला पहले से रहा, जउन मशहूर अन्दलुसी सूफी अउर दार्शनिक इब्न अरबी के दरगाह के चारों ओर बसल रहा। ई नए मुहल्लन में पहले कुर्द सिपाही अउर उस्मानी सल्तनत के यूरोपीय इलाकन से आए मुसलमान शरणार्थी बसाए गए। एही से इनका नाम अल-अकराद (कुर्द) अउर अल-मुहाजिरीन (हिजरत करे वाले) पड़ा। ई मुहल्ला पुरान सहर से २-३ किलोमीटर उत्तर अहैं।

१९वीं सदी के आखिर से पुरान सहर के पच्छिम, बरादा नदी के किनारे, एक नया प्रशासनिक अउर व्यापारिक केंद्र उभरने लगा। ई इलाका अल-मर्जेह, मतलब “चरागाह”, के नाम से जान गवा। धीरे-धीरे अल-मर्जेह आधुनिक दमिश्क के मुख्य चौराहा बन गवा, जिहाँ नगर भवन बनल। कचहरी, डाकघर अउर रेलवे स्टेशन थोड़ा दक्खिन ऊँच ज़मीन पर बनल। अल-मर्जेह अउर अल-वर्षिहियाह के बीच सड़क पर यूरोपीय ढंग का रिहायशी इलाका बनना प्रारम्भ भवा। समय के साथ नया सहर का व्यापारिक अउर प्रशासनिक केंद्र थोड़ा-थोड़ा उत्तर की ओर खिसकत गवा।

Damascus SPOT 1363

२०वीं सदी में बरादा नदी के उत्तर अउर कुछ हद तक दक्खिन में नए उपनगर बस गइन, जउन घूता नखलिस्तान तक फैल गइन। १९५६-५७ में यरमूक मुहल्ला बनल, जिहाँ बहुत सारे फिलिस्तीनी शरणार्थी आके बसे। सहर के योजनाकार घूता के जइसे-तइसे बचाए रखे चाहत रहे, एह से बाद के बरसन में विकास जादातर उत्तर की ओर, पश्चिमी मेज़्ज़ेह इलाका, अउर बाद में उत्तर-पच्छिम में दुम्मार अउर उत्तर-पूरब में बरज़ेह के पहाड़ी ढलान पर भवा। गरीब इलाका, जउन बिना सरकारी अनुमति के बने, जादातर मुख्य सहर के दक्खिन फैल गइन।

पहिले दमिश्क घूता नाम के हरियर नखलिस्तान से घिरा रहा, जउन बरादा नदी से सींचा जात रहा। बरादा घाटी में पच्छिम की ओर फीजेह का सोता सहर का पीए का पानी देत रहा, अउर पच्छिम के अउर स्रोतन से भी पानी लिआवत रहा। लेकिन सहर में घरन अउर कारखानन के तेज बढ़ोतरी से बरादा नदी का बहाव घट गवा, अउर आज ई लगभग सूख चुकल अहै। नीचे के भूजल स्तर सहर के गंदा पानी, सड़कन, कारखानन अउर नाली से बहुत प्रदूषित होइ गइन।

दमिश्क सहर में ठंडा शुष्क मौसम पावा जात अहै, जउन कोप्पन–गाइगर प्रणाली में BWk कहलात अहै। ई मौसम एंटी-लेबनान पहाड़न के रेन शैडो असर अउर समुद्री हवा के चलन के कारण अहै। इहाँ के गरमी लम्बी, सूखी अउर बहुत गरम होत अहै, नमी बहुत कम रहत अहै।

सर्दी का मौसम ठंडा अउर कुछ-कुछ बरसाती होत अहै; बरफ गिरना बहुत कम देखे जात अहै। पतझड़ का मौसम छोटा अउर सुहावन होत अहै, लेकिन एह समय तापमान में अचानक बहुत बदलाव आवत अहै। एकर उलट बसंत में गरमी आवे का बदलाव धीरे-धीरे अउर स्थिर रहत अहै।

वर्ष भर में औसतन करीब १३० मिलीमीटर बरखा होत अहै, जउन अधिकतर अक्टूबर से मई के बीच गिरत अहै।

Damascus National Museum Umayyad Castle Gate

दमिश्क सहर का वर्ष २००८ में अरब संस्कृति की राजधानी के रूप में चुना गवा रहा। एह उत्सव की तैयारी फरवरी २००७ से प्रारम्भ भई, जब राष्ट्रपति के फरमान से “दमिश्क अरब संस्कृति राजधानी” खातिर एक प्रशासनिक समिति बनवाई गई।

दमिश्क सहर में कई महत्त्वपूर्ण संग्रहालय अहैं। इनमा राष्ट्रीय दमिश्क संग्रहालय, अज़ेम महल, सैन्य संग्रहालय, अक्टूबर युद्ध पैनोरमा संग्रहालय, अरबी सुलेख संग्रहालय, अउर नूर अल-दीन बीमारिस्तान सम्मिलित अहैं।

दमिश्क के लोग