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प्राचीन रोम मा समलैंगिकता

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(बाएँ) रोमन सम्राट हैड्रियन अउर वहिके पुरुष प्रेमी एंटीनस कै मूरति, अब ब्रिटिश अजायबघर मा। (दहिने) सूसा, लीबिया मा मिली रोमन मोज़ेक, जेहमा ज़ीउस का चील के रूप मा लरिका गैनीमेड का अपहरण करत देखावा गा है।

प्राचीन रोम मा समलैंगिकता शोध अउर विद्वानन के बहस का विषय है। प्राचीन रोम मा समलैंगिकता के अवधारणा समकालीन पश्चिम ते अलग रहै । लैटिन मा अइसे शब्दन के कमी है जउन " समलैंगिक " अउर " विषमलैंगिक " का सटीक रूप ते अनुवाद कइ सकैं। प्राचीन रोमन कामुकता का प्राथमिक द्विभाजन ई प्रकार रहै, पहिल सक्रिय (active)/ हावी (dominant )/ मर्दाना (masculine) अउर दूसर निष्क्रिय (passive ) / अधीन (submissive) /  जनाना (feminine)। रोमन समाज पितृसत्तात्मक रहै, माने स्वतंत्र पुरुष नागरिक के पास राजनीतिक स्वतंत्रता ( लिबर्टास ) रहै साथै अपने औ अपने घर ( फैमिली ) दूनों पर शासन करै का अधिकार रहै। "सद्गुण" ( virtus ) याक अइसि सक्रिय विशेषता रहै जेहिके माध्यम ते एक मनई ( vir ) खुद का परिभाषित करत रहै।

रोमन युग की बहुत एक खाता-पोथिन मा, ''विजय मानसिकता'' अउर " पुरुषत्व पंथ" (cult of virility) समलैंगिक संबंधन का आकार दिहिस। पुरुषन के बीच पेडेरास्टी का दस्तावेजीकरण कीन गा है, अउर अइसे संबंधन का तब तक स्वीकार कीन जात रहै जब तक कि रोमन आदमी एक सक्रिय/प्रमुख भूमिका निभावत रहै अउर निष्क्रिय छोट पुरुष साथी एक 'स्वतंत्र' युवा/लड़का न होए। स्वीकार्य पुरुष साथी गुलाम,पूर्व गुलाम, वेश्या अउर मनोरंजन करै वाले रहैं, जिनके जीवन शैली उनका बदनामी के अस्पष्ट सामाजिक दायरे मा राखत रही, यही लिये उनका एक नागरिक का दीन जाय वाली सामान्य सुरक्षा ते बाहर राखा गा रहै भले ही उइ तकनीकी रूप ते स्वतंत्र रहैं। यो जानब मुश्किल है कि प्राचीन रोम मा सामान्य रूप से समलैंगिकता अउर विशेष रूप से पेडेरास्टी केतनी हद तक प्रचलित रहै। []

एंटीनस (डेल्फी) के मूर्ति, पॉलीक्रोम पेरियन संगमरमर जेहिमा एंटीनस का चित्रण है, वहिके प्रेमी हैड्रियन (शा. 117-138 ईस्वी) के शासनकाल के दौरान बनावा गा रहै।

  

  1. Hubbard, ThomasK. (२००३). Homosexuality in Greece and Rome: a Sourcebook of Basic Documents. University of California Press. ISBN 0520234308.{{cite book}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी)