बछेंद्री पाल
| बछेंद्री पाल | |
|---|---|
पाल २०१९ में | |
| जनम | नाकुरी ,उत्तरकाशी, उत्तराखंड |
| राष्ट्रीयता | भारतीय |
बछेंद्री पाल (जन्म २४ मई १९५४) एक भारतीय पर्वतारोही अहै। विश्व के सबसे ऊँचे पर्वत माउंट एवरेस्ट के शिखर पर चढ़ने वाली पहली भारतीय महिला रहिन। उ भारत मा तीसरा सबसे बड़ा नागरिक पुरस्कार पद्म भूषण[१] के प्राप्तकर्ता अहै।
प्रारंभिक
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]बछंद्री पाल का नाकुरी माकाशी, कोखंड मा सन् १९५४ को खोजिहर करन में बछेंद्री ने बी.एड। की पढ़ाई पूरी की। मेधावी और विचारली होने काय लिए उन्हें नहीं देखत नहीं रहिन। जोहण अस्थायी, पाइया का था और वेतन भी बहुत कम रहा। ईसे बछेंद्री निराशा रहिन और उन्हे करने काय लिए 'नेहरू इँचेतुकुच माउजिनियरिंग' कोर के येये आवेन कर दिया। ओ से बछेंद्री के विल को नई राह सा।१९८२ में पकड़वाँस कैम्प के लिए उन्होंने गंगोत्री (६,६७२ काल) और रूदुगैरा (५,८१९) की चढ़े को किया किया। ईस कैम्प में छेंद्री को छापगीर ज्ञान सिंह ने बतौर में पढ़ी पढ़ी दी। दो पर्वतारोही का पेशा अपनाने की वजह से उन्हें बना और रिकेदारों के जाँच साना भी पाडा ।
१९८४ मा, भारत माउंट एवरेस्ट पै आपन चौथा अभियान निर्धारित किहिस, जेकर नाँव "एवरेस्ट '८४' " रखा गा रहा। माउंट एवरेस्ट (नेपाली मा सागरमाथा) पै चढ़ाई करै के प्रयास करै वाले छह भारतीय मेहरारू अऊर ग्यारह पुरुषन के समूह के सदस्यन मा से एक के रूप मा बचेंद्री पाल का चुना गा रहा। टीम का मार्च १९८४ मा नेपाल के राजधानी काठमांडू भेजा गा रहा, अऊर वहिजा से टीम आगे बढ़ी।
पर्वतारोहण अभियान
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]बचेंद्री पाल का पहाड़ चढ़ै का पहिला मौका १२ साल के उमर मा मिला, जब वा स्कूल के साथियन के साथै चार सौ मीटर के चोटी मा चढ़ाई करिस रहै। भारत कय चौथा एवरेस्ट अभियान १९८४ मा शुरू भवा रहा।अभियान दल मा बचेंद्री सहित सात मेहरारू अउर ग्यारह मनई शामिल रहे।ई टीम २३ मई, १९८४ का ०१:०७ बजे २९,०२८ फीट (८८४८ मीटर) पर सागरमाथा (एवरेस्ट) पर भारतीय ध्वज फहराइस। यहिके साथ, उ एवरेस्ट के सफलतापूर्वक शिखर पर पहुंचै वाली दुनिया के पांचवीं महिला बनीं।भारतीय अभियान टीम के सदस्य के रूप मा माउंट एवरेस्ट पर चढ़ै के तुरंत बाद, उ शिखर तक महिलाओं के एक टीम का सफलतापूर्वक नेतृत्व किहिन। १९९४ मा हरिद्वार से कलकत्ता तक गंगा नदी मा २५०० किलोमीटर के नाव अभियान कै नेतृत्व किहिन।
पुरस्कार
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]- भारतीय पर्वतारोहण से पर्वतारोहण में माकृष्टता के लिए स्वर्णक[२]
- पद्मश्री(१९८४) से सम्मानित[३]
- उत्तर प्रदेश सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा स्वर्ण पदक (१९८५)।
- अर्जुन पुरस्कार (१९८६ ) भारत सरकार द्वारा।
- कोलकाता लेडीज स्टडी ग्रुप अवार्ड (१९८६ )।
- गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स (१९९० ) में सूचीबद्ध ।
संदर्भ
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]- ↑ "Padma Awards 2019: Mountaineer Bachendri Pal conferred with Padma Bhushan; Padma Shri for Gautam Gambhir, Sunil Chhetri". The Times of India. २०१९-०१-२५. ई २०२६-०३-२० को पुनः प्राप्त कीन गा .
{{cite web}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी) - ↑ Authority control databases (२०१७-०१-२६). "Indian Mountaineering Foundation". Wikipedia. ई २०२६-०३-२१ को पुनः प्राप्त कीन गा .
{{cite web}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी) - ↑ "List of Padma Shri award recipients (1980–1989)". Wikipedia. २००८-०५-११. ई २०२६-०३-२१ को पुनः प्राप्त कीन गा .
{{cite web}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी)