मानकिश
ज़ातर अउर सब्ज़ियन संग बनल मनाकीश | |
| दूसर नाँव | मनाकीश, मनाक़ीश, मनऊशे |
|---|---|
| किसिम | चपटी रोटी |
| पकवान | नाश्ता या दोपहर का खाना |
| मूल देस | लेवांत |
| इलाका या राज्य | सीरिया, लेबनान, जॉर्डन, फिलिस्तीन |
| जुड़ल खानपान | लेवांत इलाका की खान-पान परंपरा |
| मुख्य सामग्री | आटा, ज़ातर, पनीर या कीमा |
मनाकीश लेवांत इलाका की एक मशहूर चपटी रोटी अहइ। ई रोटी आटा से बनावल जात हय अउर ऊपर से ज़ातर, पनीर या मांस के कीमा डार के पकावल जात हय। ई ज़्यादातर नाश्ता या हल्का दोपहर के खाने में खाई जात हय। [१]
मनाकीश के रोटी गोल होई या मोड़ के भी खाई जात हय। ई घर में भी बने हय अउर सड़क किनारे बेकरी में भी आसानी से मिल जाथे। [२]
पहिले के समय में औरतन सुबह-सुबह सामूहिक भट्ठी में परिवार खातिर रोटी बनावत रहिन। उही समय पर छोट-छोट आटा निकाल के नाश्ता खातिर मनाकीश बनावल जात रहा। [३]
मनाकीश पकावे खातिर साज अउर तबून जइसन पारंपरिक चूल्हा इस्तेमाल होत रहा। [४]
मनाकीश लेवांत इलाका भर में बहुत लोकप्रिय अहइ अउर जहाँ-जहाँ लेवांत लोगन बस गए हइन, वहाँ भी ई खाय जात हय। [५]
2023 में मनाकीश के लेबनान की एक खास खान-पान परंपरा मान के यूनेस्को के अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल कइ दिहा गवा। [६]
नाम के मतलब
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]अरबी भाषा में "मनाकीश" शब्द "नक़्श" से निकरा अहइ, जेकरे मतलब होत हय दबाना या उभार बनाना। जब रोटी बेल ली जात हय, तब उंगली से दबा के छोट-छोट गड्ढा बनावल जात हय ताकि ऊपर डारल मसाला ठीक से टिक सके। [७]
इतिहास
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]मनाकीश के शुरुआत प्राचीन फोनीशिया इलाका से मानी जात हय। ओह समय लोग पत्थर के चक्की से गेहूँ पीस के आटा बनावत रहे अउर चपटी रोटी बनावत रहे। [८]
दसवीं सदी की अरबी रसोई किताब में भी ज़ातर अउर जैतून तेल से सजावल रोटी के जिक्र मिलत हय।
पारंपरिक टॉपिंग
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]- ज़ातर – सूखल जड़ी-बूटी, तिल अउर मसाला के मिश्रण
- पनीर – अक्कावी या कश्कावल पनीर
- कीमा – मेमना या भेड़ के मांस से बनल
- मिर्च अउर प्याज़ – खासकर गाज़ा इलाका में
- कशक – खट्टा दही अउर गेहूँ से बनल मिश्रण
- पालक अउर साग
- अंडा – कई जगह अंडा अउर पनीर संग
इहो देखीं
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]- फतीर मशलत
- फोकाचिया
- खाचापुरी
- लाहमाजून
- पीटा
- पिज़्ज़ा
सन्दर्भ
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]- ↑ "The Eternal Magic of Beirut". The New York Times. २ मई २०१६.
{{cite news}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी) - ↑ "Manakish: The Lebanese Flatbread You Need To Try At Least Once". २१ जुलाई २०२३.
{{cite web}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी) - ↑ Arabian Delights. २००७. पृ. 107.
{{cite book}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी) - ↑ "Cook this: Flatbreads with za'atar from Zaitoun". ४ अप्रैल २०१९.
{{cite news}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी) - ↑ "Tayba: Bite-size savory delicacies". २५ मार्च २०१४.
{{cite web}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी) - ↑ "UNESCO - Al-Man'ouché, an emblematic culinary practice in Lebanon". २०२३.
{{cite web}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी) - ↑ Man'oushé : inside the Lebanese street corner bakery. २०१९.
{{cite book}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी) - ↑ "Manakish nominated to be added to Unesco's Intangible Cultural Heritage list".
- ↑ Little foods of the Mediterranean. २००३.
{{cite book}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी)