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मेर्व

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मेर्व (तुर्कमेन: मेर्व [ˈmeɾβ]; फ़ारसी: मर्व [ˈmæɹv]), जेनका मेर्व ओएसिस भी कहा जात है, मध्य एशिया मा एक ठउर बहुतै बड़ा ईरानी सहर रहा है। ई सहर ऐतिहासिक रेशम मार्ग प पड़त रहा, अउ आज के तुर्कमेनिस्तान मा मर्य (Mary) सहर के लगे रहा। मेर्व के जगह प इंसानी बसावट ईसा से तीसरी सहस्राब्दी ईसा पूर्व स लेके अठारहवीं सदी ईस्वी तक रही। इतिहास भर मा ई सहर बार-बार अलग-अलग राजन क हाथ मा जात रहा।

अकेमेनिड साम्राज्य के समय मेर्व, मार्जियाना नाम के सत्रैपी (प्रांत) क राजधानी रहा। बाद मा ई सहर पे हेल्लेनिस्टिक राजा, पार्थियन, सासानी, अरब, ग़ज़नवी, सेल्जूक, ख्वारज़्मियन अउ तैमूरी शासकन क राज रहा।

मेर्व अपन इतिहास मा कई राज्यन क राजधानी रहा। नवमी सदी के सुरुआत मा मेर्व, ख़लीफ़ा अल-मामून क निवास रहा अउ पूरा इस्लामी ख़िलाफ़त क राजधानी बन ग रहा। बाद मा ई खुरासान मा ताहिरीद गवर्नरन क मुख्यालय रहा। ग्यारहवीं अउ बारहवीं सदी मा मेर्व ग्रेट सेल्जूक साम्राज्य क राजधानी रहा अउ साम्राज्य के पतन तक ई हाल रहा।

इ समय मेर्व इस्लामी विज्ञान अउ संस्कृति क बहुतै बड़ा केंद्र बन ग रहा। इहाँ बहुत नामी कवि, संगीतकार, वैद्य, गणितज्ञ अउ खगोलशास्त्री आवत रहे अउ इहाँ पैदा भी भइन। महान फ़ारसी विद्वान उमर ख़ैय्याम कई बरिस मेर्व के वेधशाला मा काम किहिन। फ़ारसी भूगोलवेत्ता अउ यात्री अल-इस्तख़री लिखिन कि:

“ईरान के सब देसन मा, इहाँ के लोग अपन प्रतिभा अउ शिक्षा खातिर जाने जात रहे।”

अरबी भूगोलवेत्ता याक़ूत अल-हमवी मेर्व मा दस ठो बहुत बड़े पुस्तकालयन क गिनती किहिन, जेनमा एक मस्जिद मा रहा पुस्तकालय बारह हजार किताबन स भरल रहा।

मेर्व तीर्थयात्रा क भी बहुत प्रसिद्ध जगह रही। कई धरमन मेर्व क पवित्र मानिन। जरथुस्त्र धर्म मा मेर्व (या मौरू) उन सोलह पवित्र धरतीन मा एक रहा जेनका भगवान अहुरा मज़्दा बनाइस रहे। पाँचवीं सदी स ग्यारहवीं सदी तक मेर्व, पूर्वी सीरियाई चर्च क एक प्रमुख धार्मिक केंद्र रहा। इस्लाम क पैगंबर मुहम्मद स जुड़ल वंशज, शिया इस्लाम के आठवें इमाम अली अर-रज़ा, बगदाद स मेर्व आए अउ कई बरिस इहीं रहे। “नकाबपोश पैगंबर” कहलावे वाला अल-मुक़न्ना, जे खुद क भगवान क अवतार बतावत रहा, मेर्व मा पैदा भवा अउ इहीं अपन आंदोलन सुरु किहिस।[]

बारहवीं अउ तेरहवीं सदी मा मेर्व दुनिया क सबसें बड़ा सहरन मा एक रहा, जेनकी आबादी लगभग पाँच लाख बताई जात है। इ दौर मा मेर्व क नाम “मरव अल-शाहिजान” (महान मेर्व) पड़ ग रहा अउ एकर पहचान “पूर्वी इस्लामी दुनिया क राजधानी” के रूप मा रही। भूगोलवेत्ता याक़ूत अल-हमवी के अनुसार, सहर अउ ओकर इमारतन एक दिन के सफ़र स ही देखाई देत रहीं।[]

सन 1221 मा, मेर्व अपन फाटक मंगोल फौज खातिर खोल दिहिस, जेकर नतीजा बहुत भयानक रहा। इतिहासिक विवरणन अनुसार, पूरा सहर—शरणार्थियन समेत—मार डाला ग रहा। कहा जात है कि तोलुई ख़ान लगभग सात लाख लोगन क कत्लेआम किहिस। मंगोल विनाश के बाद सहर कुछ हद तक फिर बसावा ग रहा, पर पहिले जइसे समृद्धि कबहूँ वापस नाहीं आई। 1788–1789 के बीच, बुख़ारा के अमीरात के शाह मुराद आख़िरी बार मेर्व क पूरी तरह उजाड़ दिहिन अउ आबादी क जबरन बाहर भेज दिहिस। उन्नीसवीं सदी तक, रूसी दबाव के चलते, मेर्व के आसपास क पूरा इलाका सूना होइ ग रहा।

आज मेर्व के जगह क तुर्कमेनिस्तान सरकार “प्राचीन मेर्व” राज्य ऐतिहासिक अउ सांस्कृतिक उद्यान के रूप मा सुरक्षित रखत है। ई पार्क 1987 मा स्थापित भवा अउ तुर्कमेनिस्तान के कानूनन तहत संचालित है। मध्य एशिया मा सिल्क रोड प बसे ओएसिस सहरन मा ई सबसे पुराना अउ सबसे बढ़िया ढंग स बचा सहर है। आज भी कुछ इमारतन अउ ढाँचा खड़ा हवं, खासतौर प पिछले दुई हजार बरिस मा बने ढाँचा।

यूनेस्को प्राचीन मेर्व के जगह क विश्व धरोहर स्थल के रूप मा सूचीबद्ध किहिस है।


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  1. "Ancient Merv State Historical and Cultural Park | Voyages du patrimoine mondial en Europe". visitworldheritage.comhttps. ई २०२५-१२-१४ को पुनः प्राप्त कीन गा .{{cite web}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी)
  2. Tharoor, Kanishk (२०१६-०८-१२). "Lost cities #5: how the magnificent city of Merv was razed – and never recovered". The Guardian (ब्रिटिश अंग्रेज़ी भाषा में). ISSN 0261-3077. ई २०२५-१२-१४ को पुनः प्राप्त कीन गा .{{cite news}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी)
  3. https://www.google.co.in/books/edition/Turkmenistan/fG9zk5Y3MugC?hl=en&gbpv=1&dq=merv&pg=PA212&printsec=frontcover
  4. https://www.google.co.in/books/edition/Historic_Cities_of_the_Islamic_World/UB4uSVt3ulUC?hl=en&gbpv=1&dq=merv&pg=PA405&printsec=frontcover
  5. https://www.google.co.in/books/edition/The_Earth_and_Its_Inhabitants_Asiatic_Ru/AGlGAQAAMAAJ?hl=en&gbpv=1&dq=merv&pg=PA478&printsec=frontcover