मैरी कॉम
| मैरी कॉम | |
|---|---|
| नई दिल्ली १८ अगस्त २०१२ | |
| संसद सदस्य, राज्य सभा | |
| In office २५ अप्रैल २०१६ – २४ अप्रैल २०२२ | |
| Nominated by | प्रणब मुखर्जी |
| इनके बाद | पी.टी.उषा |
| चुनाव क्षेत्र | नामित (खेल) |
| जनम | २४ नवम्बर १९८२ कागाथेई, मणिपुर, भारत |
| जनम कय नाँव | मंगटे चुंगनेइजांग कॉम |
| जीवन संगी | कारोंग ओनखोलेर कॉम (बि॰ २००५; छू॰छू॰ २०२३) |
| बच्चे | 4 |
| इनाम/सम्मान | पद्म विभूषण (2020) पद्म भूषण (2013) पद्म श्री (2006) |
मंगटे चुंगनेजांग "मैरी कॉम" (जन्म २४ नवंबर १९८२ ) एक भारतीय ओलंपिक मुक्केबाज, राजनेता अऊर राज्यसभा के पूर्व सदस्य हैं। उ एकमात्र महिला हैं जे छह बार विश्व शौकिया मुक्केबाजी चैम्पियनशिप जीतिन हैं, एकमात्र महिला मुक्केबाज हैं जे पहिले सात विश्व चैम्पियनशिप मा से हर एक मा एक पदक जीतिन हैं, अऊर एकमात्र मुक्केबाज हैं जे आठ विश्व चैम्पियनशिप पदक जीतिन हैं। "मैग्निफिसेंट मैरी" उपनाम से, उ २०१२ के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक मा फ्लाईवेट (५१ किलो) श्रेणी मा कांस्य पदक जीतिन अऊर एआईबीए द्वारा लाइट-फ्लाईवेट श्रेणी मा विश्व नंबर १ मुक्केबाज के रूप मा रैंक कीन गा है। उ २०१४ एशियाई खेल अऊर २०१८ राष्ट्रमंडल खेलन मा स्वर्ण पदक जीतिन, अऊर छह बार एशियाई शौकिया मुक्केबाजी चैंपियन रहीं। उनका २०१६ मा राज्यसभा मा नामित कीन गा रहा अऊर २०२० मा पद्म विभूषण से सम्मानित कइ गवा।
प्रारंभिक जीवन
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]भारत के मणिपुर के चुराचंदपुर जिला के कागाथेई गांव, मोइरंग लमखाई मा पैदा भै कोम का पालन-पोषण उनके माता-पिता, मंगटे टोनपा कोम अऊर मंगटे अखम कोम द्वारा कीन गा रहा, जे झूम के खेतन मा कार्य करत रहें अऊर एक विनम्र पृष्ठभूमि से आए रहें। अपने बचपन के दौरान, उ अक्सर अपने माता-पिता के खेत मा सहायता करत रहीं। उ छठी कक्षा तक लोकटक क्रिश्चियन मॉडल हाई स्कूल, मोइरांग मा पढ़ाई किहिन, अऊर बाद मा आठवीं कक्षा तक सेंट जेवियर कैथोलिक स्कूल, मोइरांग मा पढ़ाई किहिन, जहाँ उ एथलेटिक्स, खासकर भाला अऊर दौड़ मा रुचि विकसित किहिन।
बाद मा वा कक्षा नौ अउर दस मा आदिमजाती हाई स्कूल इम्फाल मा पढ़ै चली गे रहै, पै मैट्रिक के परीक्षा पास नहींं कइ पाइस रहै। बाद मा उ राष्ट्रीय खुला स्कूली शिक्षा संस्थान, इम्फाल के माध्यम से आपन स्कूली शिक्षा पूरी किहिन अऊर चुराचंदपुर कॉलेज, मणिपुर से स्नातक कीन।[१]
रोजी-रोटी
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]२००० मा राज्य चैम्पियनशिप जीतै के बाद, कोम ने पश्चिम बंगाल मा आयोजित ७ वीं ईस्ट इंडिया महिला मुक्केबाजी चैम्पियनशिप मा स्वर्ण पदक जीता। वहिजा से, कोम अजेय रहा। २००० अऊर २००५ के बीच, उ कुल पांच राष्ट्रीय चैम्पियनशिप जीतिन।
हालाँकी, २००५ मा शादी करै के बाद, कॉम ने अपने बच्चन अऊर पारिवारिक जीवन के पालन-पोषण पर ध्यान केंद्रित करै के लिए खेल से विराम लेय का फैसला किहिन। २००८ मा, उ भारत मा एशियाई महिला मुक्केबाजी चैम्पियनशिप मा एक सशक्त वापसी किहिन, जहाँ उ एक रजत पदक जीतिन; फिर उ चीन मा एआईबीए महिला विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप मा स्वर्ण पदक जीतिन। आवै वाले वर्षन मा, ई प्रतिभाशाली एथलीट ने अपने मुक्केबाजी कौशल का अउर निखारा, विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय चैम्पियनशिप मा कईयो पदक अऊर सम्मान जीतिन। उ एशियाई इंडोर गेम्स, एशियाई महिला मुक्केबाजी चैम्पियनशिप, [[एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल अऊर ओलंपिक सहित कईयो मुक्केबाजी प्रतियोगिताओं मा भाग लिहिन।
ओलंपिक जीवन-यात्रा
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]२०१२ मा, कॉम लंदन मा २०१२ ओलंपिक मा एक जगह के लिए प्रतिस्पर्धा करै के लिए तैयार रहा। ई पहिली बार रहा जब महिला मुक्केबाजी का ओलंपिक कार्यक्रम मा सम्मिलित कीन गा रहा, जवन खेलन मा महिला भागीदारी के लिए एक ऐतिहासिक कदम रहा। यहिके परिणामस्वरूप तीन महिला वजन वर्गन का जोड़ा गा: (४८-५१ किलोग्राम), हल्का वजन (५६-६० किलोग्राम), अऊर मध्यम वजन (६९-७५ किलोग्राम)। यहिके मतलब रहा कि कोम, जे पहिले ४६-४८ किलोग्राम श्रेणी मा प्रतिस्पर्धा करत रहें, का प्रतिस्पर्धा करै के लिए ५१ किलोग्राम श्रेणी मा जाय का पड़ा। उ वर्ष लंदन ओलंपिक के लिए योग्यता प्राप्त करै वाली एकमात्र महिला बनीं।
कॉम, जे उ समय तक (एआईबीए) विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप मा पांच स्वर्ण पदक अऊर एक रजत पदक जीत चुका रहा, ग्रीष्मकालीन ओलंपिक के लिए एक सशक्त प्रारम्भ किहिन। अगस्त २०१२ का, उ ओलम्पिक पदक जीतै वाली पहिली भारतीय महिला मुक्केबाज बनीं; उ ५१ किलोग्राम वर्ग मा कांस्य पदक जीतिन, जेहिसे महिला खेलन के इतिहास मा उनकर नाम उकेरा गा।
कोम ने हाल ही में २०२० ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में भी भाग लिहिन, जहाँ उ रियो ओलंपिक कांस्य पदक विजेता, कोलंबियाई मुक्केबाज इंग्रिट वैलेंसिया के खिलाफ आपन आखिरी मुकाबला लड़िन।
मैरी कॉम द्वारा सामाजिक कार्य - द मैरी कॉम फाउंडेशन
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]अपने खेल करियर के अतिरिक्त, मैरी कॉम मैरी कॉम फाउंडेशन के माध्यम से सामाजिक कार्य मा भी सक्रिय रूप से सम्मिलित हैं। ई फाउंडेशन महिलाओं का सशक्त बनावै अऊर वंचित्त युवाओं के बीच खेलन का बढ़ावा देय पर केंद्रित है। यद्यपि मैरी कॉम भारत के उत्तर-पूर्वी भाग से हैं- देश मा गैर-शाकाहारियन अऊर शाकाहारियन के बहुमत के घर- उ पशु अधिकारन के पैरोकार हैं अऊर पेटा (जानवरन के नैतिक व्यवहार के लिए लोग) के कारणन का समर्थन करत हैं। उ लगातार सुधारन अऊर गतिविधियन मा भाग लिहिन हैं जवन पशु अऊर पर्यावरण अधिकारन का समर्थन करत हैं, अऊर ई उनका एक अलग पहचान दिलाइस है। मैरी कॉम पेटा इंडिया का समर्थन करत एक विज्ञापन मा भी दिखाई दिहिन, जेहिमा सर्कस मा हाथीयन के उपयोग पर प्रतिबंध लगावै के वकालत कीन गै रही।
पेशेवर उपलब्धियाँ
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]- पद्म श्री (खेल) २००६[२]
- मेजर ध्यान चंद खेल रत्न पुरस्कार, २००९[३]
- पद्म भूषण (खेल) २०१३ [४]
- अर्जुन पुरस्कार (बॉक्सिंग) २००३ [५]
- पद्म विभूषण पुरस्कार (खेल) २०२० [६]
इन्हें भी देखें
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]बाहरी कड़ियाँ
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]सन्दर्भ
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]- ↑ Valecha, Sonali (३१ जनवरी २०२२). "Mary Kom: Motivating Story of India's Boxing Icon". ई ३० मार्च २०२६ को पुनः प्राप्त कीन गा .
{{cite web}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी) - ↑ "Mangte Chungneijang Mary Kom – Digital Knowledge Repository". Digital Knowledge Repository – Ministry of Tribal Affairs. २६ मार्च २०२५. ई ३० मार्च २०२६ को पुनः प्राप्त कीन गा .
{{cite web}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी) - ↑ Dasgupta, Piyali (२८ अगस्त २००९). "Mary Kom feels honoured to get Rajiv Gandhi Khel Ratna Award". The Times of India. ई ३० मार्च २०२६ को पुनः प्राप्त कीन गा .
{{cite web}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी) - ↑ "- BW Businessworld". BW Businessworld. ई ३० मार्च २०२६ को पुनः प्राप्त कीन गा .
{{cite web}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी) - ↑ "Mary KomBoxing Federation of India". Boxing Federation of India. १३ दिसम्बर २०२३. ई ३० मार्च २०२६ को पुनः प्राप्त कीन गा .
{{cite web}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी) - ↑ हुसैन, सैयद (२५ जनवरी २०२०). "मैरी कॉम और पी वी सिंधु को मिलेंगे पद्म विभूषण और पद्म भूषण अवॉर्ड". Olympics.com (हिन्दी भाषा में). ई ३० मार्च २०२६ को पुनः प्राप्त कीन गा .
{{cite web}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी)