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बुख़ारा (/bʊˈxɑːrə/ बुउ-ख़ार-अ) उज्बेकिस्तान क आबादी के हिसाब से सातवाँ सबसे बड़ शहर अहै। 1 जनवरी 2020 तक इहाँ क आबादी 2,80,187 रहिस। ई बुख़ारा रीजन क राजधानी अहै।

बुख़ारा रीजन मँ कम से कम पाँच हजार बरिस से बसावट चली आवत अहै, अउर शहर खुद करीब ढाई हजार बरिस से मौजूद अहै। रेशम मार्ग (सिल्क रोड) प स्थित होए क चलते बुख़ारा बहुत दिनन ले व्यापार, विद्या, संस्कृति अउर धर्म क केंद्र रहिस। बुख़ारा, बुख़ारा ख़ानत, बुख़ारा अमीरात अउर बाद मँ बुख़ारा पीपुल्स सोवियत रिपब्लिक जइसे उज्बेक राज्यन क राजधानी रहिस। ई मशहूर आलिम इमाम बुख़ारी क जनम-स्थान अहै। शहर क “नौबल बुख़ारा” (बुख़ारा-ए-शरीफ़) क नाम से भी जानल जात रहा। बुख़ारा मँ करीब 140 ऐतिहासिक अउर वास्तुकला स्मारक अहैं। यूनेस्को बुख़ारा क ऐतिहासिक केंद्र (जेमे बहुत सी मस्जिदन अउर मदरसन अहैं) क विश्व धरोहर स्थल मँ शामिल किहे अहै।
इतिहास
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]बुख़ारा क इतिहास हजारन बरिस ले चलत आवा अहै। समरकंद क साथे-साथ, तैमूरी वंश के पतन तक मध्यकालीन एशिया मँ बुख़ारा फ़ारसी संस्कृति क केंद्र-बिंदु रहा।
सन 850 तक बुख़ारा सामानी साम्राज्य क राजधानी बन चुका रहा अउर ई इमाम बुख़ारी क जनम-स्थान भी अहै। सामानी शासक, जउन खुद क बह्राम चोबिन क वंशज बतावत रहे, इस्लामी दुनिया क केंद्र बग़दाद से दूर फ़ारसी संस्कृति क नवा जीवन दिहिन। बुख़ारा मँ नई फ़ारसी भाषा खूब फली-फूली। फ़ारसी कविता क जनक मानल जाए वाला रूदकी इहैं पैदा भवा अउर इहैं पले-बढ़े। उहां बुख़ारा क सुंदरता प आपन सबसे मशहूर कविता लिखिन। एही कारण से बुख़ारा, लगातार कई फ़ारसी अउर फ़ारसी-संस्कृति वाले साम्राज्यन—जइसे सामानी, कराख़ानी, ख़्वारज़मी अउर तैमूरी—मँ सबसे महत्वपूर्ण शहरन मँ एक रहा।
16वीं सदी मँ उज्बेक ,तुर्की वंश क आगमन से इस्लामी दुनिया मँ बुख़ारा क असर धीरे-धीरे घटे लागा। आगा मोहम्मद ख़ान क़ाजार आख़िरी फ़ारसी बादशाह रहे, जउन आपन हत्या से ठीक पहिले शहर क फिर से जीत लेइ क कोशिश किहिन। 19वीं सदी तक बुख़ारा फ़ारसी अउर इस्लामी दुनिया क एक हाशिये प पड़ल शहर बन गवा, जिहां स्थानीय अमीरन क शासन रहा। ई अमीर बुख़ारा क आख़िरी फ़ारसी-संस्कृति वाले शासक रहे, लाल सेना के कब्ज़ा से पहिले तक।
11वीं सदी क सुरुआत मँ बुख़ारा तुर्की कराख़ानी राज्य क हिस्सा बन गवा। कराख़ानी शासकन बुख़ारा मँ कई भव्य इमारतन क निर्माण करावा—जइसे कल्याण मीनार, मागोकी अत्तारी मस्जिद, महल अउर बाग-बगइचा।
समरकंद क पश्चिम मँ स्थित बुख़ारा इतिहास मँ शिक्षा क एक प्रमुख केंद्र ,रहा। फ़ारसी अउर इस्लामी दुनिया भर मँ ई शहर विद्या खातिर प्रसिद्ध रहा। ई महान सूफ़ी संत शेख़ नक़्शबंदी क पुरान इलाक़ा अहै। शेख़ नक़्शबंदी नक़्शबंदी सूफ़ी सिलसिला क विकास मँ बहुत अहम भूमिका निभाइन अउर सूफ़ी आध्यात्म, धर्मशास्त्र अउर इस्लामी अमल प गहिरा असर डारिन।
आज बुख़ारा उज्बेकिस्तान क बुख़ारा क्षेत्र (विलायत) क राजधानी अहै। रेशम मार्ग प स्थित होए क चलते ई शहर सदियन ले व्यापार, विद्या, संस्कृति अउर धर्म क केंद्र बना रहा। सामानी युग क सुनहरे दौर मँ बुख़ारा इस्लामी दुनिया क एक बड़ा बौद्धिक केंद्र बन गवा अउर आपन ढेर सारी लाइब्रेरीयन खातिर मशहूर रहा। बुख़ारा क ऐतिहासिक केंद्र, जेमे बहुत सी मस्जिदन अउर मदरसन अहैं, यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किहे गवा अहै।
सन 1220 मँ चंगेज़ ख़ान 15 दिन तक बुख़ारा क घेराबंदी किहिन। एक बड़े व्यापारिक केंद्र होए क चलते, बुख़ारा मँ मध्यकालीन दौर मँ भारत क मुल्तान शहर (आज क पाकिस्तान) से आए व्यापारीन क बस्ती रही, जउन शहर मँ जमीनन क मालिक भी रहे। कई सदी तक बुख़ारा अउर ख़ीवा गुलाम व्यापार क बड़े केंद्र मानल जात रहे। ख़ीवा क साथे बुख़ारा क गुलाम बाज़ार क दुनिया क “गुलाम राजधानी” भी कहल जात रहा।
बुख़ारा अमीरात क आख़िरी राजधानी रहा अउर रूसी गृहयुद्ध क दौरान लाल सेना द्वारा घेर लिहा गवा। सन 1920 क बुख़ारा अभियान मँ बोल्शेविक जनरल मिखाइल फ्रुंज़े क कमान मँ लाल सेना बुख़ारा प हमला किहिस। 31 अगस्त 1920 क अमीर अलीम ख़ान पूर्वी बुख़ारा क दुशांबे भाग गवा (बाद मँ उहां से अफ़ग़ानिस्तान क काबुल निकल गवा)। 2 सितंबर 1920 क चार दिन क लड़ाई के बाद अमीर क क़िला (आर्क) ध्वस्त कर दिहा गवा अउर कल्याण मीनार प लाल झंडा फहरा दिहा गवा। 14 सितंबर 1920 क ऑल-बुख़ारन क्रांतिकारी समिति बनाई गइ, जेकरे अध्यक्ष ए. मुख़ितदिनोव रहे। सरकार—पीपुल्स नाज़िरन क परिषद—क अध्यक्षता फ़ैज़ुल्ला ख़ोजायेव क हाथ मँ रही।

बुख़ारा पीपुल्स सोवियत रिपब्लिक 1920 से 1924 तक कायम रही, जेकरे बाद शहर उज्बेक सोवियत समाजवादी गणराज्य मँ मिला दिहा गवा।सन 1922 मँ एनवर पाशा क अभियान क दौरान, कुछ समय खातिर बुख़ारा क अधिकतर हिस्सा बासमाची विद्रोहियन क कब्ज़ा मँ चला गवा।
1938 मँ मॉस्को स्थित ब्रिटिश दूतावास मँ तैनात नौजवान राजनयिक फ़िट्ज़रॉय मैकलीन चुपके से बुख़ारा आइन। उहां ऊ घूमत-फिरत रहे अउर पार्कन मँ सुत्ते रहे। आपन संस्मरण ईस्टर्न अप्रोचेज़ मँ ऊ बुख़ारा क “जादुई शहर” बताइन अउर इहाँ क इमारतन क तुलना इटली क पुनर्जागरण काल क सबसे उम्दा वास्तुकला से किहिन।
20वीं सदी क दुसरे आधा मँ अफ़ग़ानिस्तान क जंग अउर ताजिकिस्तान क गृहयुद्ध क चलते दारी अउर ताजिक भाषा बोले वाले बहुत से शरणार्थी बुख़ारा अउर समरकंद आ गइन। स्थानीय ताजिक आबादी मँ घुल-मिल जाए क बाद, एह शहरन क सामने ताजिकिस्तान मँ मिलावे क आंदोलन उठे लागा, जबकि इन शहरन क ताजिकिस्तान से कउनौ सीधी सीमा भी नाहीं अहै।
सन्दर्भ
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]- ↑ https://www.google.co.in/books/edition/Bukhara_the_Eastern_Dome_of_Islam/sVgtKQdJrTMC?hl=en&gbpv=1&dq=bukhara&printsec=frontcover
- ↑ https://www.timesofisrael.com/in-an-ancient-oasis-in-bukhara-a-tiny-jewish-community-relies-on-its-muslim-neighbors/
- ↑ https://www.google.co.in/books/edition/Bukhara_and_the_Muslims_of_Russia/SWyn1-sxd3cC?hl=en&gbpv=1&dq=bukhara&printsec=frontcover
- ↑ https://www.google.co.in/books/edition/Bukhara/PcAjAQAAIAAJ?hl=en&gbpv=1&bsq=bukhara&dq=bukhara&printsec=frontcover
- ↑ https://www.google.co.in/books/edition/Bukhara/PcAjAQAAIAAJ?hl=en&gbpv=1&bsq=bukhara&dq=bukhara&printsec=frontcover
- ↑ https://www.google.co.in/books/edition/Bukhara/YpppAAAAMAAJ?hl=en&gbpv=1&bsq=bukhara&dq=bukhara&printsec=frontcover