वसूरीमाला
| वसूरीमाला | |
|---|---|
वसुरीमाला का चित्र | |
| समूह | हिंदू धर्म |
| इलाका | केरल, भारत |
वसूरीमाला एक स्त्री देवता है जेकर पूजा केरल के कईयो हिस्सा अऊर कर्नाटक के कोडागु क्षेत्र मा कीन जात है। भद्रकाली या शिव मंदिरन मा उपदेवता (उपदेवता) के रूप मा पूजा कीन जात है। वसूरीमाला का एक देवता माना जात है जवन चेचक, चिकनपॉक्स अऊर खसरा जइसन संक्रामक रोगन से बचावत है। उत्तरी केरल मा, वसूरीमाला के पूजा अऊर वसूरीमाला थेयम के रूप मा कीन जात है। मिथकन के अनुसार, दरिकन नामक असुर के पत्नी मनोदरी का बाद मा वसूरीमाला नामित कीन गा रहा।
व्युत्पत्ति
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]वसूरी चेचक रोग के लिए मलयालम शब्द है।[१] वसूरीमाला का शाब्दिक अर्थ है चेचक पुस्टुल के एक श्रृंखला।[२]
पृष्ठभूमि
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]प्राचीन काल मा ई माना जात रहा कि बीमारी भगवान के कोप से होत है। यहिसे, उ लोग बीमारी बोवै वाले देवतन अऊर चंगा करै वाले देवतन के पूजा करत रहें।[३] वसूरीमाला का चेचक, चिकनपॉक्स, खसरा आदि जइसन संचारी रोगन के देवता माना जात है।[४] वसूरीमाला का केरल के मंदिरन मा उप देवता के रूप मा पूजा कीन जात है जेहिमा कोडुंगलूर भगवती मंदिर, वलियाकुलांगरा देवी मंदिर, महादेविकाद, श्री पोर्किली कावु अऊर वसूरीमाला देवी मंदिर, मावेलीकारा शामिल हैं।[५]
मिथक
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]दरिकन कै पत्नी
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]भारतीय पौराणिक कथा मा भद्रकाली कय कथा बहुत प्रमुख अहै, औ देवी भद्रकाली कय पूजा पूरे भारत मा कीन जात अहै।[६] मार्कण्डेय पुराण के अनुसार, एक असुर रहा जेकर नाम डारिकन (जेका दारुकन भी कहा जात है) रहा अऊर भगवान शिव के तीसरी आँखी से देवी भद्रकाली प्रकट भै अऊर ओनका एक युद्ध मा मार डारिस।
कोट्टराथिल संकुन्नी द्वारा लिखित ऐथिह्यामाला में केरल के लोककथा से वसूरीमाला के कहानी का जिक्र है। भद्रकाली अऊर डारिकन के बीच के युद्ध के दौरान, जब ई लगभग निश्चित रहा कि डारिकन भद्रकाली के साथे युद्ध मा मर जइहैं, तब डारिकन के पत्नी मनोदरी कैलास के पास गईं अऊर भगवान शिव का प्रसन्न करै के लिए तीव्र तपस्या शुरू किहिन।[६] ओकरे आराधना से संतुष्ट होइके शिव जी अपने देह से पसीना पोंछ के ओका दिहिन अऊर ओका आशीर्वाद दिहिन अऊर कहिन कि अगर तू लोगन के शरीर पर छिड़काव करिहौ तौ ओका सब कुछ देइहैं। मनोदरी देखि कै भद्रकाली, जो रण जीतीं, अपने पति के सिर लइके आवत अहै। गुस्सा मा उ पसीने से तरबतर पानी का भद्रकाली के शरीर पर छिड़क दिहिस, अऊर परिणामस्वरूप भद्रकाली के शरीर पर चेचक दिखाई दिहिस।[६] भद्रकाली ने मनोदरी के आँखिन मा छेद कै नाम वसूरीमाला रखिन औ अपने आप कै साथी बनाइन।
अन्य
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]एक अउर मिथक कहत है कि वसूरीमला शिव चेतना से तब पैदा भवा जब भगवान शिव का चेचक होइगा। वसूरीमाला का दारिका के हत्या मा कुरुम्बा (भद्रकाली) के अनुयायी के रूप मा भी देखल जा सकत है।[७]
वसूरीमाला थेयम
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]वसूरीमाला थेयम एक थेयम है जवन उत्तरी केरल के मंदिरन मा कीन जात है।[४] जब चेचक कय महामारी फइली तौ माना जात है कि लोग बीमारी से छुटकारा पावै कय खातिर थेयम कय रूप मा चेचक कय पूजा करै लाग। अब ई थेयम रोग के इलाज खातिर कीन जात है।[८]
सन्दर्भ
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]- ↑ https://archives.mathrubhumi.com/news/columns/oridathoridathu/murali-thummarukudi-oridathoridathu-smallpox-smallpox-vaccine-vaccination-public-health-histor-d4d99221
- ↑ https://www.thehansindia.com/posts/index/Sunday-Hans/2018-07-08/Theyyam-A-Spell/396150
- ↑ http://travelkannur.com/theyyam-kerala/vasoorimala-theyyam/
- 1 2 https://books.google.co.in/books?id=zSpeEAAAQBAJ&dq=vasoorimala+chickenpox&pg=PA25&redir_esc=y#v=onepage&q=vasoorimala%20chickenpox&f=false
- ↑ https://keralaliterature.com/mudrakal-%E0%B4%AE%E0%B4%B2%E0%B4%AF%E0%B4%BE%E0%B4%B3%E0%B4%82-%E0%B4%B8%E0%B4%82%E0%B4%B8%E0%B5%8D%E2%80%8C%E0%B4%95%E0%B4%BE%E0%B4%B0%E0%B4%AE%E0%B5%81%E0%B4%A6%E0%B5%8D%E0%B4%B0%E0%B4%95%E0%B4%B3/vasoorimala-l-o%C2%A5-j%C2%A2hk/?amp=1
- 1 2 3 Sankunni, Kottarathil (1909). "Kodungalloor Vasoorimala". Aithihyamala. Vol. 3.
- ↑ "Archive copy". मूल से से २०२२-०२-१८ के पुरालेखित. ई २०२६-०३-३० को पुनः प्राप्त कीन गा .
{{cite web}}: CS1 maint: archived copy as title (कड़ी) CS1 maint: date auto-translated (कड़ी) - ↑ "Archive copy". मूल से से २०२२-०२-१८ के पुरालेखित. ई २०२६-०३-३० को पुनः प्राप्त कीन गा .
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