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शारदा सिन्हा

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शारदा सिन्हा
सिन्हा 2018 में
जनम01 October 1952
हुलास, बिहार, भारत
मौत05 नवंबर 2024
नई दिल्ली, भारत
अउर नाँवबिहार स्वर कोकिला
अल्मा मेटरमगध महिला कॉलेज, प्रयाग संगीत समिति, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय
रोजगारगायक, लोक गायक, शास्त्रीय गायक
कार्यकाल१९८०-२०२४
जिवनसाथीब्रजकिशोर सिन्हा
सन्तान

शारदा सिन्हा (1 अक्टूबर 1952 - 5 नवंबर 2024) एक भारतीय लोक अऊर शास्त्रीय गायिका रहीं। बिहार से ताल्लुक रखै वाली, उ मुख्य रूप से मैथिली अऊर भोजपुरी भाषा मा गावत रहीं अऊर ओनका बिहार के कोयल बिहार कोकिला कहा जात है। सिन्हा "विवाह गीत", "छठ गीत" समेत कई लोकगीत गाये हैं। १९९१ मा, ओनका संगीत मा योगदान के ताईं पद्मश्री पुरस्कार मिला। संगीत के क्षेत्र मा अपने योगदान के लिए 2000 मा उनका संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार मिला। उनका 2018 मा गणतंत्र दिवस के पूर्व संध्या पै भारत के तीसरा सबसे बड़ा नागरिक पुरस्कार पद्मभूषण से सम्मानित कीन गा रहा। सिन्हा का 2025 मा गणतंत्र दिवस के पूर्व संध्या पर भारत के दूसर सबसे बड़ा नागरिक पुरस्कार पद्म विभूषण से मरणोपरांत सम्मानित कीन गा रहा।[]

सिन्हा कय जनम 1 अक्टूबर 1952 कय बिहार कय सुपौल जिला कय राघोपुर ब्लाक कय हुलास गाँव मा भूमिहार परिवार मा भवा रहा। सुखदेव ठाकुर के नौ बच्चन मा एकलौती बिटिया रहीं। इनकै ससुराल बेगूसराय जिला के सिहामा गाँव मा अहै।[]

श्री राम नाथ कोविन्द, डा. (श्रीमती) शारदा सिन्हा कें पद्म भूषण पुरस्कार देत हुए, राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में।

सिन्हा आपन कैरियर मैथिली लोकगीत गाइके शुरू किहिन।मैथिली के अलावा सिन्हा भोजपुरी, मगही अउर हिंदी मा गाइन।[] प्रयाग संगीत समिति ने इलाहाबाद मा बसंत महोत्सव का आयोजन किहिन जहाँ सिन्हा ने वसंत ऋतु के विषय पर आधारित कईयो गीत प्रस्तुत किहिन, जहाँ वसंत के आगमन का लोकगीतन के माध्यम से वर्णित कीन गा रहा। उ छठ पूजा के उत्सव के दौरान नियमित रूप से प्रदर्शन करत रहीं। जब मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीन रामगूलम बिहार आए तब उ प्रदर्शन किहिन।[]

सिन्हा ने बिहार उत्सव, 2010, नई दिल्ली मा प्रगति मैदान मा प्रदर्शन किहिन।

सिन्हा ने कुछ हिंदी फिल्मी गीतन मा भी आपन आवाज उधार दिहिन रहैं, जेहिमा सलमान खान के पहिली फिल्म मैने प्यार किया से "काहे तोह से सजना", अनुराग कश्यप के समीक्षकों द्वारा प्रशंसित गैंग्स ऑफ वासेपुर भाग 2 से "तार बिजली", चारफुतिया छेहो से "कौन सी नगरिया" अऊर चनदरा नेरा देसवा।[]

व्यक्तिगत जीवन अऊर मृत्यु

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उ 1970 मा ब्रजकिशोर सिन्हा से बियाह किहिन, जेहिसे ओनकै एक बेटवा अंशुमन औ बिटिया वंदना पैदा भै। पति ब्रजकशोर सितंबर 2024 मा मस्तिष्क रक्तस्राव से मरि गें।

सिन्हा 2017 से मल्टीपल मायलोमा से पीड़ित रहीं। 5 नवंबर 2024 का, उनका एम्स दिल्ली मा वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गा रहा। उ रात बाद मा 72 साल के उमर मा मरि गें। उनकर अंतिम संस्कार 7 नवंबर 2024 का पटना मा पूर्ण राज्य सम्मान के साथे कीन गा रहा।[]