सामग्री पर जाएँ

सरोजिनी नायडू

विकिपीडिया से

सरोजिनी नायडू (१८७९–१९४९) भारत कय महान स्वतंत्रता सेनानी अउर कवयित्री रहिन। वन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कय अध्यक्ष अउर कउनो राज्य कय राज्यपाल बनै वाली पहिली भारतीय महिला रहिन।

हैदराबाद मा जनमी सरोजिनी विदेश से पढ़ै कय बाद गांधी जी कय 'स्वराज' आंदोलन से जुड़ गइन। ओनकर बहुत नीक कविताई कय नाते महाथ्मा गांधी वनका "भारत कोकिला" कय उपाधि दीहिन। १९१२ मा छपी ओनकर कविता "इन द बाज़ार्स् ऑफ़ हैदराबाद" आजौ बहुत मशहूर अहै।

सरोजिनी नायडू कय जनम १३ फरवरी १८७९ कय हैदराबाद मा अघोरनाथ चट्टोपाध्याय कय हिँया भवा रहा। ओनकर पिता एक बंगाली ब्राह्मण अउर निज़ाम कॉलेज कय प्रिंसिपल रहे। ओनकर महतारी बरदा सुंदरी देवी बंगाली मा कविता लिखत रहिन। सरोजिनी आठ भाई-बहिनन मा सबसे बड़ी रहिन। ओनकर भाई-बहिनन मा क्रांतिकारी, कवि, कलाकार अउर नेता सम्मिलित रहे।

वन महज़ १२ वर्ष कय उमिर मा १८९१ मा सबसे नीक नंबर से मैट्रिक कय परीक्षा पास कीहिन। एकरे बाद हैदराबाद कय निज़ाम से मिलै वाले वज़ीफ़ा (स्कॉलरशिप) पय वन १८९५ से १८९८ तक इंग्लैंड (किंग्स कॉलेज, लंदन अउर गिरटन कॉलेज, कैम्ब्रिज) मा पढ़ाई कीहिन।

१८९८ मा भारत लौटै कय बाद वन डॉ. गोविंदराजू नायडू से बियाह कीहिन, जेहसे वन इंग्लैंड मा मिली रहिन। ई एक अंतरजातीय बियाह रहा, जौन ओय समय बहुत बड़की बात मानल जात रही, मुला दुन्नो परिवार खुशी-खुशी एका मान लीहिन। ओनके पाँच बच्चे भये। ओनकर बिटिया पद्मजा नायडू भी 'भारत छोड़ो आंदोलन' मा भाग लीहिन अउर आज़ाद भारत मा कई सरकारी पद सँभारिन।

औरतन कय हक कय लड़ाई

[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]

सरोजिनी नायडू १९०४ से भारत कय आज़ादी अउर औरतन कय पढ़ाई खर्तिन भाषण देवै लाग रहिन। १९१४ मा गांधी जी से मिलै कय बाद वन राजनीति मा अउर ज़ोर-शोर से जुड़ि गइन। १९१७ मा वन 'विमेंस इंडियन एसोसिएशन' बनावै मा सहयता कीहिन। वन औरतन कय वोट देवै कय अधिकार (मताधिकार) दियावै खर्तिन भारत से लइ के लंदन तक लड़ाई लड़िन। ओनकर ई मानब रहा कि मेहररुअन (औरतन) कय बिना देश कय आज़ादी अउर विकास कउनो तरे संभव नाहीं अहै अउर उहैं असल मा "राष्ट्र-निर्माता" अहैं।

अहिंसक आंदोलन अउर जेल यात्रा

[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]

वन गांधी जी कय सत्याग्रह अउर असहयोग आंदोलन मा बढ़-चढ़ के भाग लीहिन। १९२५ मा वन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कय अध्यक्ष बनै वाली पहिली भारतीय महिला बनिन। १९३० कय मशहूर 'नमक सत्याग्रह' (दांडी मार्च) मा भी वन सम्मिलित भइन अउर जब गांधी जी गिरफ्तार होइ गए, तौ वन ई आंदोलन कय कमान सँभारिन। देश कय आज़ादी कय लड़ाई मा वन १९३२ अउर १९४२ ('भारत छोड़ो आंदोलन') मा कइयन महीना खर्तिन जेल भी गइन। वन भारत कय संविधान सभा कय सदस्य भी चुनी गइ रहिन।

संयुक्त प्रांत कय राज्यपाल

[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]

१९४७ मा जब देश आज़ाद भवा, तौ सरोजिनी नायडू कय संयुक्त प्रांत (जौन अब उत्तर प्रदेश कहा जात है) कय राज्यपाल बनावा गा। ई पद पय बैठै वाली वन भारत कय पहिली महिला रहिन। मार्च १९४९ मा अपन निधन तक वन इही पद पय कार्य करत रहिन।

सरोजिनी नायडू महज़ १२ वर्ष कय उमिर से लिखब सुरू कइ दीहिन रहा। ओनकर फारसी मा लिखल नाटक 'मेहर मुनिर' से हैदराबाद कय निज़ाम बहुत प्रभावित भये रहे।

ओनकर कविताएं अंग्रेज़ी मा होत रहिन, जेहमा प्रकृति अउर भारत कय बहुत नीक अउर जीवंत चित्त्र देखै का मिलत रहा। ओनके शानदार लेखनी कय नाते वनका "भारत कय येट्स " भी कहा जात रहा।

  • १९०५ मा लंदन से ओनकर पहिली कविता कय किताब 'द गोल्डन थ्रेशोल्ड' छपी।
  • १९१२ मा ओनकर दूसरी अउर सबसे जादा देशप्रेम से भरल किताब 'द बर्ड ऑफ टाइम' छपी, जेहमा ओनकर मशहूर कविता 'इन द बाज़ार्स् ऑफ़ हैदराबाद' सामिल अहै।
  • ओनकर जीते जी छपी आखिरी कविता कय किताब 'द ब्रोकन विंग' (१९१७) रही। एहमा द गिफ्ट ऑफ इंडिया (जेहमा पहिले विश्व युद्ध मा भारतीय सैनिकन कय बलिदान कय याद कीन गा अहै) अउर "अवेक!" जइसन मशहूर कविताएं अहैं।
  • ओनकर निधन कय बाद, ओनकर बिटिया पद्मजा नायडू १९६१ मा ओनकर बाकी बची कवितायन कय 'द फेदर ऑफ द डॉन' कय नाँव से प्रकाशित कराइन।
  • एकरे अतिरिक्त, ओनकर दिहल भाषण अउर लेख भी १९१८ कय बाद से कई बार किताबन कय रूप मा छापे गए।

प्रमुख रचनाएं :

  • १९०५: द गोल्डन थ्रेशोल्ड
  • १९१५: द बर्ड ऑफ टाइम: सॉन्ग्स ऑफ लाइफ, डेथ एंड द स्प्रिंग
  • १९१७: द ब्रोकन विंग: सॉन्ग्स ऑफ लव, डेथ एंड डेस्टिनी
  • १९१९: द सॉन्ग ऑफ द पालन्क्विन बियरर्स
  • १९२०: द स्पीचेज़ एंड राइटिंग्स ऑफ सरोजिनी नायडू
  • १९२२: मोहम्मद अली जिन्ना, एन एंबेसडर ऑफ यूनिटी (संपादक कय रूप मा)
  • १९२८: द सेप्टर्ड फ्लूट: सॉन्ग्स ऑफ इंडिया
  • १९६१: द फेदर ऑफ द डॉन (पद्मजा नायडू द्वारा संपादित)