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होलिका देहेन

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Holika Dahan -Traditional Bonfire Ceremony of Holi

होलिका दहन, संस्कृत मा होलिका दहनम या छोटी होली मा प्रस्तुत कीन जात है, हिन्दू उत्सव मनावत हैं जेहिमा राक्षस के दहन के जश्न मनावै के लिए अलाव जलावा जात है, जे हिरण्यकशिपु के बहिन हैं होलिका ई नकारात्मक शक्तियन पर जीत का प्रमाण है अऊर हिरण्यकशिपु के पुत्र प्रहल्द के भक्ति का प्रतीक है|

श्री विष्णु भगवान के ओर ई होली से पहिले होत है, रंगन के त्योहार, जवन बसंत के मौसम के स्वागत []का जश्न मनावत अहै। वेदो के अनुसार, होलिका, जे देवताओ से वरदान ब प्राप्त किहिन जेसे उ अग्नि से अभेद्य होइ गइन। फिर उ अपने भतीजे(प्रहलाद) का अलाव मा गोदी मा रख के मार डारै के कोशिश किहिन। लेकिन उनके गलत काम के परिणामस्वरूप उनका भस्म कर दीन गा रहा जबकि प्रहलाद का आग से बचावा गा रहा|संजोग से चादर उड़ के प्रहलाद के ऊपर उतरी जेसे उनकर जान बच गै अउर होलिका जल गै। यहिसे, कईयो अन्य हिन्दू त्यौहारन के तरह, होलिका दहन बुराई पर अच्छाई के विजय का प्रतीक है।[]काहे से कि ई फलगुना के महीना मा मनावा जात है, एहसे ईका फलगुनी भी कहा जात है। वसंत पंचमी के दिन होली दहन के पर्व शुरू होत है। वहि दिन पहली बार गुलाल फेंका जात है। यहि दिन से फाग औ धमर कै गायन शुरू होत है।खेतन मा सरसों के फूल खिलत हैं। बगीचा फूलन के मोहक रंगन से भरा अहै। पौधा, जानवर, पक्षी अऊर मनुष्य सब आनन्द से भर जात हैं।

प्राचीन काल मा, ई विवाहित मेहरारू द्वारा परिवार के सुख अऊर समृद्धि के लिए मनावा जात रहा अऊर पूर्णिमा के पूजा करै के परम्परा रही। इ दिन विवाहित महिलाएं एकठा होह हाय अऊर लकड़ियों को जमा कर आज लगावत हाय| जैसे होलिका को जलवे खातिर भइल काईल| इ के चक्कर लगत हैं, उ पर धागा बांध कर उ आपन कमान या मंन्नत मनात है, अऊर नारियल भी चढ़त है| इ हिन्दू धरम के एक प्रसिद्ध त्याहारों में से एक होत हाय|

Holika Dahan at Koparkhairane in Navi Mumbai, 2025


  1. "The Indian festival of Holi comes every year in the season of:". Prepp. २०२४-११-२५. ई २०२५-११-२६ को पुनः प्राप्त कीन गा .{{cite web}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी)
  2. Lawaju, Hasana (२०१७-०३-१२). "Good triumphs over evil". The Himalayan Times. ई २०२५-११-२६ को पुनः प्राप्त कीन गा .{{cite web}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी)