इम्मानुएल कांट

इमानुएल कांट (जन्म नाम ईमैनुएल कांट; 22 अप्रैल 1724 – 12 फरवरी 1804) एगो जर्मन दार्शनिक रहिन। ऊ कोनिग्सबर्ग में जनमल रहिन आ उहाँ के प्रबोधन काल के प्रमुख चिन्तक मानल जाला। कांट के व्यापक आ गूढ़ लेखन ज्ञानमीमांसा, तत्वमीमांसा, नैतिक दर्शन आ सौंदर्यशास्त्र में रहल, जेकर चलते ऊ आधुनिक पश्चिमी दर्शन के सबसे प्रभावशाली आ चर्चित चिन्तकन में गिनल जालन।
आपन अधिभौतिक आदर्शवाद के सिद्धांत में कांट कहलन कि स्थान आ समय सिरिफ "अंतर्ज्ञान के रूप" हउवन जे अनुभव के बनावट ठहरावेलन। अनुभव के वस्तुएँ “प्रतीत” मात्र हउवन, आ वस्तु के असली रूप – जइसन कि ऊ अपने में बा – मनई के समझ से बाहर बा। फिरो कांट संशयवाद के खिलाफ लिखलन आपन प्रसिद्ध किताब शुद्ध विवेक की समीक्षा, जे उहाँ के सबसे प्रसिद्ध रचना ह। कांट के विचार के कोपरनिकस क्रांति से तुलना कइल जाला, काहे कि उहाँ कहलन कि अनुभव के वस्तुएँ मनई के समझ आ अंतर्ज्ञान के रूपन के हिसाब से ढलत बानीं, ना कि उल्टा।
कांट मानत रहिन कि तर्क नैतिकता के मूल आधार ह, आ सौंदर्यशास्त्र “निष्काम निर्णय” से उपजल चीज ह। उहाँ के धार्मिक सोच भी नैतिक दर्शन से गहराई से जुड़ल रहल — बाकिर ओकर सही रूप आजो विवाद के विषय बा। उहाँ चाहत रहिन कि दुनिया में स्थायी शांति गणतांत्रिक राज्यन के संघ आ अंतरराष्ट्रीय सहयोग से आ सके। हालाँकि उहाँ के वैश्विकतावाद पर आलोचना भइल, काहे कि जीवन के अधिकांश हिस्सा में उहाँ वैज्ञानिक नस्लवाद के समर्थन कइलन, हालाँकि आखिरी दस बरिस में आपन विचार बदललन।
प्रारंभिक जीवन
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]इमानुएल कांट के जनम 22 अप्रैल 1724 के एगो प्रशियाई जर्मन परिवार में भइल जे लूथरन (Lutheran) धर्म मानत रहल। उहाँ के माई अन्ना रेजिना रायटर कोनिग्सबर्ग में जनमल रहिन, जेकर पिता न्यूरमबर्ग से रहले।[१] उहाँ के उपनाम कई बेर गलत तरह से “पोर्टर” कहल जाला। कांट के बाप जोहान जॉर्ज कांट एगो जर्मन हार्नेस बनावे वाला (घोड़ा के जीन बनावे वाला) रहले जे मेमेल (अब क्लाइपेडा, लिथुआनिया) से रहले।[२][३]
कांट के नाम पहिले “ईमैनुएल” लिखल जाला रहल, बाकिर बाद में उहाँ “इमानुएल” कइलन जब उहाँ हिब्रू भाषा सीखलन। उहाँ नौ भाई-बहिनन में चौथवा रहले (छह जने बचलन)।[४] कांट के परिवार में पायटिज्म (Pietism) के परंपरा मजबूत रहल — धार्मिक आस्था, विनम्रता आ बाइबिल के सीधा अर्थ पर जोर दिहल जाला रहल।[५]
कांट के शुरुआती पढ़ाई बहुत सख्त आ अनुशासित रहल — लैटिन आ धर्म पर जोर रहल, विज्ञान आ गणित पर कम।[६] बाद में उहाँ बहुत नियमित जीवन जीवलन — कहाल जाला कि लोग आपन घड़ी उहाँ के रोज के टहल से मिलावल करस। कांट दुई बेर बियाह के सोचले रहले — पहिले एगो विधवा से, आ बाद में वेस्टफालिया के लड़की से, बाकिर हर बेर देर हो गइल।[७] बियाह ना भइल, बाकिर उहाँ के सामाजिक जीवन बहुत सक्रिय रहल। ऊ लोकप्रिय अध्यापक आ सफल लेखक रहले, ईहाँ तक कि प्रमुख दार्शनिक किताब लिखे के पहिले ही।[८]
- ↑ "Cosmopolis". Koenigsberg-is-dead.de. २३ अप्रैल २००१. २२ मार्च २००९ के मूल से पुरालेखित. ई २४ जुलाई २००९ को पुनः प्राप्त कीन गा .
{{cite web}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी) - ↑ R.K. Murray, "The Origin of Immanuel Kant's Family Name", Kantian Review 13(1), March 2008, pp. 190–193.
- ↑ Rosa Kohlheim, Volker Kohlheim, Duden – Familiennamen: Herkunft und Bedeutung von 20.000 Nachnamen, Bibliographisches Institut & F.A. Brockhaus AG, Mannheim 2005, p. 365.
- ↑ Haupt, Viktor. "Rede des Bohnenkönigs – Von Petersburg bis Panama – Die Genealogie der Familie Kant" (PDF). freunde-kants.com (जर्मन भाषा में). पृ. 7. मूल से से २५ सितम्बर २०१५ के पुरालेखित.
{{cite web}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी) - ↑ Pasternack, Lawrence; Fugate, Courtney (२०२०). "Kant's Philosophy of Religion". में Zalta, Edward N. (सं.). The Stanford Encyclopedia of Philosophy (Spring 2020 संस्करण). Metaphysics Research Lab, Stanford University. ई २५ फरवरी २०२१ को पुनः प्राप्त कीन गा .
{{cite encyclopedia}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी) - ↑ Kuehn 2001, p. 47.
- ↑ Kuehn 2001, p. 177.
- ↑ Kuehn 2001, p. 169.