बेरीनाग
| बेरीनाग Berinag | |
|---|---|
बेरीनाग टैक्सी स्टैण्ड | |
| निर्देशांक: 29°46′34″N 80°03′22″E / 29.776°N 80.056°E | |
| देश | |
| प्रान्त | उत्तराखण्ड |
| ज़िला | पिथौरागढ़ ज़िला |
| ऊँचाई | 1895 मी (६,२१७ फीट) |
| जनसंख्या (2011) | |
| • कुल | ५,१९५ |
| भाषा | |
| • प्रचलित | हिन्दी, कुमाऊँनी |
| समय मण्डल | भारतीय मानक समय (यूटीसी+5:30) |
| पिनकोड | 262531 |
| वाहन पंजीकरण | UK-05 |
बेरीनाग,भारत देश कै उत्तराखण्ड राज्य कै जिला पिथौरागढ़ कय एक्ठु नगर पंचायत होय। बेरीनाग (Berinag), जेका बेड़ीनाग या बेणीनाग भी कहा जात है, भारत के उत्तराखण्ड राज्य के कुमाऊँ मण्डल के पिथौरागढ़ ज़िला मा बसा एक हिल स्टेशन अय। इ इसी नाव की तहसील का मुख्यालय भी अय।
नाव की उतपत्ति
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]सहर के नजीक ही बेणीनाग का पुरनिया मंदिर बा, जउन कुमाऊँ के मसहूर नाग मंदिरन मा से एक अय। इ मंदिर की लोकपरियता के कारन एके नजीक के छेत्र का भी आगे चलिके बेणीनाग कहा जाए लगा। बखत बीतत-बीतत इ नाव पहिले बेणीनाग से बेड़ीनाग भवा, अउर फिर अंग्रेजन के जमाने मा बेड़ीनाग से बदलिके बेरीनाग होइ गवा।
इतिहास
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]बेरीनाग इतिहासी तौर पर गंगोली छेत्र के अंतर्गत मानत हैं। इहाँ तेरहवीं सदी से पहिले कत्यूरी राजवंश का राज रहा। तेरहवीं सदी के बाद इहाँ मनकोटि राजावन का राज कायम होइ गवा, जिनकी राजधानी मनकोट मा रही। सोलहवीं सदी मा कुमाऊँ के राजा बालो कल्याण चन्द मनकोट पर हमला करिके गंगोली छेत्र पर अधिकार कइ लिहिन। एके बाद इ छेत्र १७९० तक कुमाऊँ का भाग रहा। १७९० मा गोरखावन कुमाऊँ पर हमला करिके कब्जा कइ लिहिन, अउर फिर १८१५ के गोरखा लड़ाई मा गोरखावन की हार के बाद इहाँ अंग्रेजन का कब्जा होइ गवा।
अंग्रेजी राज के जमाने मा इहाँ चाय के कई बगान लगाए गए। करीब दू सदियन तक बेरीनाग अउर चौकोरी मा कई हेक्टेयर छेत्र मा चाय के बगान फैले रहे। १८६४ मा इ बगान थॉमस मैकिंस अउर एडवियरस स्लेनेगर स्टेपॉर्ड के रहे, जउन ब्रिटेन मा दर्ज एक कंपनी रही। १८६९ मा इ "कुमाऊँ-अवध प्लांटेशन कंपनी" के मिलकियत मा आए, अउर एके बाद जेम्स जॉर्ज स्टीवेन्सन एक दर्ज बिक्री-पत्र के जरिए इनका खरीद लिहिन। १९१९ मा इ ज़मीन ठाकुर देव सिंह बिष्ट अउर चंचल सिंह बिष्ट खरीदिन। १९६४-६५ मा इ छेत्र मा कुल ९,६६७ नाली (१९५.४ हेक्टेयर) छेत्र मा चाय के बगान फैले रहे।
८०-९० के दसकन मा इ बगानन मा चाय की पैदावार लगभग खतम सी होइ गई अउर फिर धीरे-धीरे एक पूरा सहर इहाँ आकार लइ लिहिस। बेरीनाग छेत्र राईआगर अउर उडियारी के जरिए आस-पास के जियादातर हिस्सन से जुड़ा रहा, अउर इसी कारन २००४ मा डीडीहाट तहसील के २९८ गावन का हटाके बेरीनाग तहसील का गठन कइ दीन गवा। २०१४ मा सहर के बीचे से होके जाए वाली सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित होइ गई; राष्ट्रीय राजमार्ग ३०९ए नाव का इ राजमार्ग बेरीनाग का अल्मोड़ा, बागेश्वर अउर गंगोलीहाट से जोड़त है।
भूगोल अउर जलवायु
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]बेरीनाग २९.७७६ डिग्री के अक्षांसन अउर ८०.०५६ डिग्री के देशांतरन पर बसा है। समुंदर तल से एकी औसत ऊँचाई १,८९५ मीटर (६,२१७ फीट) है। इ राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के ४६० किमी उत्तर-पूरब मा अउर राज्य की राजधानी देहरादून के ३८० किमी पूरब मा बसा है। बेरीनाग कुमाऊँ मण्डल के अंतर्गत आवत है अउर इ कुमाऊँ के मुख़यालय नैनीताल के १६० किमी उत्तर-पूरब मा बसा है। बेरीनाग हिमालय पर्वतमाला की कुमाऊँनी पहाड़ियन मा बसा है। सहर के आस-पास फैले जंगलन मा चीड़, बांज, देवदार अउर वर्ष के पेड़ बहुतायत मा पाए जात हैं। इहाँ के जियादातर पहाड़ चूना पत्थर, बलुआ पत्थर, स्लेट, गनीस अउर ग्रेनाइट आदि के बने हैं।
बेरीनाग की जलवायु कुमाऊँ के दूसर पहाड़ी छेत्रन की तरह ही उप-ऊष्णकटिबंधीय हाईलैंड परकार की है; गरमी (जून) मा औसत रोजाना तापमान २१.४ डिग्री सेल्सियस के आसपास रहत है, जबकि जाड़े (जनवरी) मा इ लगभग -५ डिग्री सेल्सियस तक गिरि जात है। वर्ष भर मा औसत तापमान १३.५ डिग्री सेल्सियस तक की भिन्नता देखाई देत है। सबसे सूखे अउर सबसे भीगे महीनन के बीच बरसात का फरक ४२४ मिमी रहत है। ९ मिमी औसत बरसात के साथ नवंबर सबसे सूखा महीना है, जबकि ४३३ मिमी के औसत के साथ जुलाई मा सबसे जियादा बरसात होत है। कोपेन जलवायु वर्गीकरण के हिसाब से सहर की जलवायु का कोड "cwb" है।
आवाजाही
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]पहाड़ी छेत्र होए के कारन सड़क मार्ग ही बेरीनाग मा आवाजाही का सबसे सुलभ साधन है। बेरीनाग राष्ट्रीय राजमार्ग ३०९ए से अल्मोड़ा, बागेश्वर अउर गंगोलीहाट जइसे सहरन से जुड़ा है। एके अतिरिक्त सहर से कुछ दूरी पर ही राईआगर अउर उडियारी बेंड हैं, जहाँ से क्रमस: सेराघाट-अल्मोड़ा अउर थल-डीडीहाट/मुनस्यारी का सड़कें निकरत हैं। इ सहर बस सेवा से कुमाऊँ के सब परमुख सहरन से जुड़ा है।
पिथौरागढ़ मा बसा नैनी सैनी हवाई अड्डा बेरीनाग से सबसे नजीकी हवाई अड्डा है, जउन सड़क मार्ग से करीब ९० किमी दूर है। करीब १८० किमी की दूरी पर हल्द्वानी मा बसा काठगोदाम रेलवे स्टेशन सहर से सबसे नजीकी रेलवे स्टेशन है।