हिन्दू वर्ण व्यवस्था

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हिन्दू वर्ण व्यवस्था प्राचीन भारत में सामाजिक गठन क्य एक अंग रहान। ई व्यवस्था में प्राचीन भारतीय समाज का चार समुदाय म बिभाजन कीन गा हय। हिन्दू वर्ण व्यवस्था क्य अनुसार हिन्दू में चार प्रमुख वर्ण अहाय, ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य तथा शूद्र।

ब्राह्मण[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]

ब्राहमण-ई वर्ण अध्यात्म, ज्ञान, शिक्षा से सम्बंधित अहाय।

क्षत्रिय[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]

क्षत्रिय- ई वर्ण राज्य क्य शासन अउर सुरक्षा करे वाला वर्ण आटे। ई वर्ण के लोग योद्धा रहेन।

वैश्य[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]

वैश्य- ई वर्ण व्यापार, उद्योग से सम्बंधित बाटे। ई वर्ण के लोग उद्यमी होथेन।

शुद्र[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]

शुद्र- ई वर्ण सेवा, दासता से संबधित अहाय, हरिजन ई वर्ण में आवथे।