दीपावली
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| दीअन कय जगमग | |
| आधिकारिक नाँव | दीपावली |
| दुसर नाँव | दिवाली, दीवाली,बडका अमवसा |
| मनावय वाले | हिन्दू, भारतीय,नेपाली,हिन्दु प्रवासी |
| किसिम | धार्मिक, सामाजिक |
| उद्देश्य | धार्मिक निष्ठा, उत्सव, मनोरंजन |
| सुरुवात | रामायण काल से |
| तिथि | कातिक अमवसा |
| रिवाज | गणेश-लक्ष्मी पूजन अव दीपमाला |
| उत्सव | रौशनी, सजावट, आतिशबाज़ी |
| वईसय दुसर त्युहार | छोटका दीपावली या नरक चौदस |
दिपावली हिन्दुन कय एक्ठु बडा त्युहार होय । दीपावली (संस्कृत: दीपावली: = दीप + आवलीः = पंक्ति, यानी पंक्ति में रखे गए दीपक) शरद ऋतु (उत्तरी गोलार्ध) मा हर साल मनावा जाय वाला एगो पौराणिक सनातन उत्सव ह । ई कार्तिक मास की अमावस्या का मनावा जात है औ भारत का सबसे बड़ा औ सबसे महत्वपूर्ण त्यौहार में से एक होय । आध्यात्मिक रूप से इ 'अन्धकार पर प्रकास' क विजय का प्रतीक अहइ।।[१]
भारतवर्ष मा मनाये जाय वाले सभी पर्वन् में से दीपावली कय सामाजिक अउर धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्व अहै। इ दीपोत्सव भी कहा जात ह । 'तमसो मा ज्योतिर्गमय' अर्थात (हे भगवान! मोका अँधियारा स प्रकास कइँती लावा। उपनिषद मा इहै आदेश बा। सिख, बौद्ध अउर जैन लोग भी ई त्यौहार मनावत हयन। [२][३] जैन लोग ई महावीर के मोक्ष दिवस के रूप मा मनावत हयन अउर सिख समुदाय ई बंदी छोड़ दिवस के रूप मा मनावत हयन।
मान्यता
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]मान्यता हवे कि दीपावली के दिन अयोध्या के राजा श्री राम आपन चौदह साल के वनवास के बाद लौटे रहे. अयोध्यावासियन क मन अपने परम प्रिय राजा क आगमन स प्रफुल्लित होइ गवा रहा। अयोध्यावासी श्रीराम का स्वागत करत घी का दीपक जलाइन। कार्तिक मास की सघन काली अमावस्या की ऊ रात दीपा की रौशनी से जगमगा उठी। तब से आज तक हर साल भारतीय लोग प्रकाश पर्व मनावत रहे हैं अउर ई पर्व बहुतै धूमधाम से मनावा जात है । भारतीयों का विश्वास है कि सत्य का जीत हो, असत्य का खात्मा हो. दीपावली यही चरितार्थ करती है - असतो मा सद्गमय, तमसो मा ज्योतिर्गमय। दीपावली स्वच्छता अउर प्रकाश का पर्व ह। दिवाली खातिर तैयारी कई हफ्ता पहिले शुरू हो जात है। लोग आपन घर-बार, दुकान वगैरह का साफ सफाई के काम शुरू कर देत हैं। मकानन मा मरम्मत, रंग - रोगन, सफ़ाई आदि का काम होखे लागेला. लोग दुकान भी साफ सुथरा अउर सजावट भी करैं। बाजारन मँ गलियन क भी सुनहरी झण्डियन स सजावा जात ह। दीपावली से पहिले ही घर-मोहल्ले, बाजार सब साफ-सुथरा अउर सज-धज के नजर आवत हैं।

सदर्भ
[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करैं]- ↑ Vera, Zak (फरवरी २०१०). Invisible River: Sir Richard's Last Mission. ISBN 978-1-4389-0020-9. ई २६ अक्टूबर २०११ को पुनः प्राप्त कीन गा .
First Diwali day called Dhanteras or wealth worship. We perform Laskshmi-Puja in evening when clay diyas lighted to drive away shadows of evil spirits.
{{cite book}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी) - ↑ Sharma, S.P.; Gupta, Seema (२००६). Fairs and Festivals of India. Pustak Mahal. पृ. 79. ISBN 978-81-223-0951-5.
{{cite book}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी) - ↑ Upadhye, A. N. (जन॰–मार्च १९८२). Cohen, Richard J. (सं.). "Mahavira and His Teachings". Journal of the American Oriental Society. 102 (1). American Oriental Society: 231–232. doi:10.2307/601199. JSTOR 601199.
{{cite journal}}: CS1 maint: date auto-translated (कड़ी)